चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने राज्य में 30,000 करोड़ रुपए का निवेश जुटाने और 60,000 नौकरियां सृजित करने के उद्देश्य से बुधवार को यहां तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना की शुरुआत की।
राज्य सरकार की इस विशेष पहल से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। तमिलनाडु ने इससे पहले मूल्यवर्धित विनिर्माण को और बढ़ावा देने तथा सेमीकंडक्टर उप-क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए सेमीकंडक्टर व उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2024 शुरू की थी।
इस नीति ने इलेक्ट्रॉनिक सामान के उत्पादन में तमिलनाडु को अग्रणी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। बुधवार को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने के इन प्रयासों को जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने अब इलेक्ट्रॉनिक घटक विनिर्माण पर केंद्रित इस विशेष योजना की शुरुआत की है। इसमें कहा गया, तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना के तहत लाभान्वित होने वाली कंपनियों को आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी। इस योजना के जरिए सरकार केंद्र की योजना के तहत घोषित सब्सिडी से मेल खाते प्रोत्साहन प्रदान करेगी।
तमिलनाडु ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भारतीय राज्यों में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसने वित्त वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 14.65 अरब अमेरिकी डॉलर हासिल किए और इस मुकाम तक पहुंचने वाला पहला राज्य बन गया।
