नई दिल्ली। बड़ी सीमेंट कंपनियों की मार्च, 2025 को समाप्त तिमाही में बिक्री की मात्रा बढ़ी है। इन कंपनियों का मानना है कि बेहतर बिक्री और स्थिर मांग के चलते वित्त वर्ष 2025-26 में भी उनका अच्छा प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है। 
अल्ट्राटेक, अंबुजा सीमेंट्स, एसीसी, श्री सीमेंट्स और डालमिया भारत जैसी प्रमुख सूचीबद्ध सीमेंट कंपनियों ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर सरकारी खर्च और ग्रामीण मांग में सुधार के चलते वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग सात से 7.5 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य बरकरार रखा है। हालांकि, ए कंपनियां भू-राजनीतिक तनाव और बदलते व्यापार परिदृश्य को लेकर सतर्क हैं। 
सीमेंट निर्माताओं ने मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 3.5 से 10 प्रतिशत तक बिक्री वृद्धि और क्षमता उपयोग में वृद्धि की सूचना दी।  इन कंपनियों को आय के मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भारत में मार्च, 2025 में सीमेंट की औसत कीमत 350 रुपए प्रति बोरी (50 किलोग्राम) थी। 
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में सीमेंट की औसत कीमत सात प्रतिशत घटकर 340 रुपए प्रति बोरी रह गई। इक्रा की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में औसत कीमत 365 रुपए प्रति बोरी थी।  रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि 2025-26 में सीमेंट कंपनियों के परिचालन मार्जिन में सुधार होगा। कंपनियों को सीमेंट की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और कच्चे माल की लागत स्थिर रहने का लाभ मिलेगा।