नई दिल्ली। इस्पात क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील मंगोलिया से कोकिंग कोयला हासिल करने को इच्छुक है। हालांकि वहां मौजूद विभिन्न चुनौतियां को लेकर भी वह सतर्कता बरत रही है।  कंपनी के निदेशक (वाणिज्यिक एवं विपणन) अरुण माहेश्वरी ने निवेशक सम्मेलन में कहा कि मंगोलिया, आपूर्ति साझेदार के रूप में अन्वेषण के लिए कंपनी के रडार पर है लेकिन वहां कई तरह की चुनौतियां हैं क्योंकि यह चारों ओर से स्थल से घिरा हुआ देश है। निवेशकों के साथ बातचीत के दौरान मंगोलिया से कोयला मंगाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अभी तक हम मंगोलिया से कोई कोयला नहीं मंगा पाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि मंगोलिया के पड़ोसी देशों जैसे रूस और चीन के माध्यम से परिवहन की संभावना तलाशी जाए, तब भी चुनौतियां बनी रहेंगी। 
माहेश्वरी ने कहा, (कोकिंग कोयला) रूस के रास्ते आ रहा है यह पहले से ही बहुत भीड़भाड़ वाला रास्ता है और चीन से आने वाले मार्ग भी आज की स्थिति में एक रसद बाधा उत्पन्न करते हैं। 
हालांकि, कंपनी एक स्रोत के रूप में मंगोलिया पर गौर करना जारी रखेगी।  उन्होंने कहा, हम लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया, रूस, अमेरिका, मोजाम्बिक, इंडोनेशिया से सामान मंगाते रहे हैं। इसलिए यह जारी रहेगा। कोकिंग कोयला ब्लास्ट फर्नेस मार्ग के माध्यम से इस्पात के विनिर्माण के लिए आवश्यक एक प्रमुख कच्चा माल है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने जनवरी में बताया था कि सरकार, मंगोलिया से कोकिंग कोयले के आयात के लिए मार्ग की तलाश कर रही है। सरकार मंगोलिया से कोकिंग कोयला प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रही है। भारत अपनी कोकिंग कोयले की 80-90 प्रतिशत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चुनिंदा देशों (जिनमें सबसे दूर स्थित ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं) पर निर्भर है।  दूर-दराज के स्थानों से कच्चे माल को भारत तक पहुंचाने के लिए मालवाहक जहाजों को महीनों लग जाते हैं, जिससे कुल उत्पादन लागत बढ़ जाती है।