नई दिल्ली। जमीन, मकान के विकास से जुड़ी कंपनियों तथा विशेषज्ञों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की कटौती को साहसिक कदम बताते हुए कहा कि इससे मकानों की बिक्री बढ़ेगी और क्षेत्र को जरूरी गति मिलेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महंगाई दर में नरमी के बीच शुक्रवार को आर्थिक वृद्धि को गति देने के मकसद से प्रमुख नीतिगत दर रेपो को उम्मीद से अधिक 0.5 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया। 

केंद्रीय बैंक ने लगातार तीसरी बार रेपो दर में कटौती की है। इसके साथ आरबीआई ने बैंकों के लिए अप्रत्याशित रूप से नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में भी एक प्रतिशत की कटौती की घोषणा की। इन उपायों से वैश्विक स्तर पर जारी चुनौतियों के बीच अर्थव्यवस्था को जरूरी समर्थन मिलेगा। 
रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष संगठन क्रेडाई ने रेपो दर में 0.5 प्रतिशत की कटौती के आरबीआई के फैसले को साहसिक कदम बताया और कहा कि इससे आवासीय संपत्तियों की बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर जी पटेल ने कहा कि आरबीआई के निर्णय से उपभोक्ताओं की धारणा में सुधार होगा, जिससे मध्यम आय एवं किफायती आवास क्षेत्रों को अत्यधिक लाभ होगा, जो पिछले कुछ वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। पटेल ने कहा, हम आरबीआई के निर्णय का स्वागत करते हैं और इसे घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक साहसिक और समयोचित कदम मानते हैं।