नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा है कि नरेन्द्र मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल के दौरान मजबूत आर्थिक वृद्धि, राजकोषीय स्थिति और महंगाई दर में नरमी के साथ भारत आज आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है, लेकिन अच्छी नौकरी सृजित करने, विनिर्माण और अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढाने के मोर्चे पर स्थिति अच्छी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में 2014 में जब राष्ट्रीयज जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार सत्ता में आई थी, उस समय आर्थिक वृद्धि धीमी थी, महंगाई बढ़ी हुई थी, डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर अस्थिर थी और राजकोषीय तथा चालू खाते का घाटा ऊंचा बना हुआ था तथा फंसे कर्ज की समस्या थी। 
सुब्बाराव ने कहा, आज, 11 साल बाद, आर्थिक वृद्धि मजबूत है, मुद्रास्फीति नरम हुई है, रुपया स्थिर है, बाह्य क्षेत्र मजबूती दिखा रहा है, राजकोषीय स्थिति बेहतर है और फंसे कर्ज की समस्या समाप्त हो गई है। हालांकि, शुल्क बाधाओं और बिगड़ते भू-राजनीतिक तनावों से कई वैश्विक बाधाएं और अनिश्चितताएं उत्पन्न हुई हैं, बावजूद इसके भारत एक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है जो महत्वपूर्ण है।  उन्होंने कहा, पिछले 11 वर्षों में यह एक उल्लेखनीय बदलाव है, यह खुशी का कारण है, लेकिन जश्न मनाने का नहीं। अन्य बातों के साथ हम रोजगार, विनिर्माण और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने में विफल रहे हैं।  एक सवाल के जवाब में सुब्बाराव ने कहा, निश्चित रूप से जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) बढ़ रही है, और हम आगे बढ़े हैं। आज हम चार ट्िरलियन (4,000 अरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था हैं। जब मोदी सरकार ने सत्ता संभाली थी तब हम 11वें स्थान पर थे। आज हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हम इस साल चौथी सबसे बड़ी और 2027 में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।