नई दिल्ली। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर एवं उपाध्यक्ष प्रीति लोबाना ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार ने देश की स्थिति को एक शक्तिशाली देश के रूप में मजबूत किया है। गूगल इंडिया की नवनियुक्त शीर्ष कार्यकारी ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वास और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना कृत्रिम मेधा (एआई) युग में गति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। प्रीति लोबाना ने कहा कि अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी एंड्रॉयड या प्ले स्टोर के मामले में समृद्ध, संपन्न डिजिटल परिवेश के लिए प्रतिबद्ध है।  उन्होंने कहा कि गूगल प्रतिस्पर्धा को डिजिटल परिवेश को समृद्ध बनाने के साधन के रूप में देखता है। लोबाना ने देश में सर्च दिग्गज कंपनी के खिलाफ एंटीट्रस्ट मामलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि कंपनी जिस भी देश में काम करती है, वहां के स्थानीय कानूनों का अनुपालन करती है। इनमें प्ले स्टोर को एंड्रॉयड टीवी ओएस के साथ जोडऩा (जिसे गूगल ने 20 करोड़ रुपए का भुगतान करके सुलझाया) या प्ले स्टोर नीतियों से जुड़े मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा, हम सरकार और अन्य नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हम इसका अनुपालन कर रहे हैं।  लोबाना ने माना कि कृत्रिम मेधा जैसी नई प्रौद्योगिकियां रचनात्मक क्षमता को उन्मुक्त कर रही हैं, लेकिन साथ ही डीपफेक से जुड़ी चुनौतियों को भी सामने ला रही हैं। डीपफेक में एआई का उपयोग करके किसी का ऐसा वीडियो या तस्वीरें बनाईं जाती हैं जो एकदम असली प्रतीत होती हैं लेकिन वास्तव में वह फर्जी या नकली होती हैं। लोबाना ने कहा कि गूगल भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में यह देश 1000 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। कंपनी को उम्मीद है कि वह विज्ञापन, क्लाउड प्रौद्योगिकी और उन्नत एआई में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान कर सकेगी। लोबाना ने कहा, गूगल भारत को एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देखता है। हम यहां गहराई से जुड़े हुए हैं, पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं उन्होंने कहा कि जिस तरह से डिजिटल अर्थव्यवस्था समय के साथ विकसित हुई है, उसमें भारत एक मजबूत खिलाड़ी बन गया है। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर ने इस बात पर जोर दिया कि विश्वास और सुरक्षा इसकी निरंतर सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी।