नई दिल्ली। रोजर्मा की जरूरत का सामान (एफएमसीजी) बनाने वाली कंपनियों का अनुमान है कि जून तिमाही में उनकी राजस्व वृद्धि प्रभावित होगी। उनका कहना है कि बेमौसम बारिश, गर्मियों की अवधि कम होना और प्रमुख कच्चे माल पर मुद्रास्फीति का दबाव जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण ऐसा हो सकता है। हालांकि, एफएमसीजी उद्योग ने तिमाही के दौरान मांग में क्रमिक सुधार देखा, जिसमें विशेष रूप से शहरी बाजारों में मात्रा के लिहाज से बिक्री तेजी से बढ़ी। मैरिको, डाबर और गोदरेज कंज्यूमर जैसी प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों का मार्जिन मानक स्तर से नीचे रहा, और उनका अनुमान है कि अप्रैल-जून में मात्रा के लिहाज से कम एक अंकों की वृद्धि होगी।
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को उम्मीद है कि जून तिमाही में भारत के कारोबार से उसका मार्जिन मानक सीमा से नीचे रहेगा, लेकिन मात्रा के लिहाज से बिक्री बढऩे के कारण उच्च एक अंकों की मूल्य वृद्धि हो सकती है। दूसरी ओर डाबर के एकीकृत राजस्व में पेय पदार्थों की बिक्री उम्मीद से कम रहने के कारण कम एक अंकों की वृद्धि होने का अनुमान है। पेय पदार्थों की बिक्री बेमौसम बारिश और छोटी गर्मी के कारण प्रभावित हुई। हालांकि, डाबर को घर और निजी देखभाल खंड में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। इसी तरह, मैरिको को जून तिमाही में मामूली परिचालन लाभ की उम्मीद है, क्योंकि उसके कुछ प्रमुख कच्चे माल जैसे कि कोपरा में क्रमिक मुद्रास्फीति देखने को मिली। मैरिको ने कहा कि जून तिमाही में ग्रामीण बाजार से सुधार के साथ लगातार मांग के रुझान देखे गए।
