नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 शिखर सम्मेलन के दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आने की उम्मीद है। पासवान ने वल्र्ड फूड इंडिया 2025 शिखर सम्मेलन की शुरुआत के पहले संवाददाताओं के साथ चर्चा में कहा कि 65,000 करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर पहले ही हस्ताक्षर हो चुके हैं।  उन्होंने कहा कि एमओयू वाली कंपनियों में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और कोका-कोला भी शामिल हैं। इस सम्मेलन के दौरान हम एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद कर रहे हैं।  इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से संबंधित मुद्दों पर एक सीईओ गोलमेज सम्मेलन भी हुआ। इसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। पासवान ने कहा कि कंपनियों के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाए जाने से बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल उद्योग ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। वल्र्ड फूड इंडिया 2025 शिखर सम्मेलन का आयोजन प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में हो रहा है। इसमें रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पत्रिशेव सहित कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। करीब एक लाख वर्गमीटर में फैला यह आयोजन भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन है। इसमें 21 देशों की भागीदारी हो रही है।  न्यूजीलैंड और सऊदी अरब इसके साझीदार देश हैं जबकि जापान, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और वियतनाम को फोकस देश के रूप में चुना गया है। इसके अलावा 21 राज्योंा केंद्रशासित प्रदेशों, 10 केंद्रीय मंत्रालयों, पांच संबद्ध सरकारी संगठनों और।,700 से अधिक प्रदर्शकों की भी भागीदारी इस सम्मेलन में हो रही है।  पिछले आयोजन में खाद्य प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौतों पर जोर रहा था जबकि 2023 के संस्करण में 33,000 करोड़ रुपए के एमओयू हुए थे।