सिंगापुर। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सिंगापुर के निवेशकों से आर्थिक वृद्धि के क्षेत्र में भारत द्वारा प्रस्तुत अवसरों पर विचार करने का आग्रह किया गोयल ने शनिवार को इंडिया सिंगापुर: पार्टनरशिप फॉर ग्रोथ विषय पर निवेशकों के साथ एक बैठक में कहा, मैं आप सभी से आग्रह करूंगा कि आप भारत द्वारा प्रस्तुत अवसरों के पैमाने पर गौर करें।  तीव्र आर्थिक वृद्धि पर जोर देते हुए मंत्री ने भारत की तीन खास विशेषताओं पर प्रकाश डाला - इसके बाजार का आकार, अवसर और इसके कार्यबल का कौशल। उन्होंने कहा, हम साथ मिलकर काम करने तथा भारत सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों को तेजी से आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।  उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के अधिकारी अथक प्रयास कर रहे हैं तथा ऐसे मॉडल तैयार कर रहे हैं, जिनसे दोनों देशों के संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सिंगापुर की यात्रा पर आए गोयल ने कहा, मुझे लगता है कि एक साथ मिलकर कई नई सीमाएं हैं, जिन्हें पार करना होगा।  मंत्री ने कहा कि चाहे वह पूंजी का क्षेत्र हो, अनुसंधान और विकास हो, मानव संसाधन, कौशल, प्रतिभा या शिक्षा का क्षेत्र हो, भारत और सिंगापुर मिलकर सभी क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि भारत के सभी वाणिज्य और उद्योग मंडल, सिंगापुर के चैंबर्स के साथ ही यूरोपीय, अमेरिकी और जापानी कंपनियों के प्रतिनिधि शुक्रवार को एक मंच पर एकत्र हुए ताकि भारत में मौजूद अवसरों की तलाश की जा सके। उन्होंने कहा, अगर हमने इस अवसर को खो दिया, अगर हम इस साझेदारी की बनी हुई रफ्तार को नहीं संभाल पाए, तो हम एक बेहद अहम मौके को गंवा देंगे। गोयल ने निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा, हमें आपके सहयोग की जरूरत है। हमें आप सभी के साथ और व्यापार जगत के शुभचिंतकों के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।  उन्होंने भरोसा जताया कि भारत-सिंगापुर साझेदारी तेज रफ्तार पकड़ेगी, जिससे इस एशियाई वित्तीय केंद्र (सिंगापुर) और भारतीय बाजार के बीच संबंध में बड़ा बदलाव आएगा।