नई दिल्ली। व्यापार वार्ता के लिए भारत के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल इस सप्ताह अमेरिका की यात्रा करेगा। एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने साथ ही बताया कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर अमेरिका के साथ बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है। इस वर्ष फरवरी में दोनों देशों के नेताओं ने अधिकारियों को प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत करने का निर्देश दिया था। इस समझौते के पहले चरण को 2025 की शरद ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) तक पूरा करने की योजना है। अभी तक पांच दौर की वार्ता पूरी हुई है। अधिकारी ने कहा, भारतीय दल इस सप्ताह यात्रा करेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने न्यूयॉर्क गया था। भारत और अमेरिका ने उस बैठक के बाद पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर शीघ्र निष्कर्ष निकालने के लिए बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया। दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर रचनात्मक बैठकें कीं। यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका ने रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। भारतीय सामान पर वर्तमान में कुल 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जा रहा है। इस समझौते का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना है। अमेरिका लगातार चौथे वर्ष 2024-25 में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा और द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब अमेरिकी डॉलर (86.5 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात) रहा। भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत और देश के कुल वस्तु व्यापार में 10.73 प्रतिशत है।
