नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर भारत और अमेरिका के बीच बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गोयल ने यह भी भरोसा जताया कि अमेरिकी शुल्क के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि होगी। उन्होंने जीएसटी बचत उत्सव पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, भारत के किसानों का, मछुआरों का, भारत के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र का, जब तक देश हितों को पूरी तरह से हम संभाल नहीं लेते, तब तक कोई समझौता नहीं हो सकता। प्रस्तावित समझौते पर दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रगति और इसके कब तक पूरा होने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गोयल ने कहा, बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में चल रही है। यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भारत के कृषि क्षेत्र में रियायतें चाह रहा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय आधिकारियों का दल इस सप्ताह अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ व्यापार वार्ता करने के लिए वाशिंगटन में था। इस वर्ष फरवरी में, भारत और अमेरिका के नेताओं ने अधिकारियों को एक प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत आगे बढ़ाने को कहा था। उन्होंने समझौते के पहले चरण को 2025 में अक्टूबर-नवंबर तक पूरा करने की समय सीमा तय की है। अब तक पांच दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। पिछले महीने, गोयल ने व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व न्यूयॉर्क में किया था। गोयल ने भरोसा जताया कि अमेरिकी शुल्क के कारण वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष के पहले छह महीनों (अप्रैल-सितंबर) के दौरान देश के वस्तु एवं सेवा निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-सितंबर के दौरान यह लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 413.3 अरब डॉलर हो गया। इस अवधि के दौरान भारत का वस्तु निर्यात भी तीन प्रतिशत बढ़कर 220.12 अरब डॉलर रहा। उन्होंने कहा, ैदुनिया भर में हमारी वस्तुओं और सेवाओं की मांग है और भारत इस वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा और हमें विश्वास है कि 2025-26 में देश के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि होगी। एक सवाल के जवाब में गोयल ने यह भी कहा कि जीएसटी में सुधार से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और वैश्विक चुनौतियों के प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने जीएसटी दरों में हाल में कटौती के लाभ का जिक्र करते हुए कहा, जीएसटी की घोषणा होते ही निवेशकों को तुरंत एहसास हो गया कि यह एक बड़ा लाभ है। मांग में भारी वृद्धि होगी।
