नई दिल्ली। भारत का स्मार्टफोन बाजार कैलेंडर वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर तीन प्रतिशत बढ़कर 4.8 करोड़ इकाई तक पहुंच गया। ओमडिया के नवीनतम शोध में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती गति के बावजूद, लाभ एक मजबूत वर्ष के अंत तक बरकरार रहने की संभावना नहीं है। ओमडिया के अनुसार, यह मामूली वृद्धि मुख्य रूप से जुलाई और अगस्त में नए स्मार्टफोन के बाजार में आने, खुदरा विक्रेताओं को दिए गए प्रोत्साहन और त्योहारी सीजन जल्दी शुरू होने के कारण हुई, जिससे कंपनियों ने पहले ही माल भेजना शुरू कर दिया। ओमडिया ने एक बयान में कहा कि भारत का स्मार्टफोन बाजार 2025 की तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर तीन प्रतिशत बढ़कर 4.8 करोड़ इकाई तक पहुंच गया। ओमडिया के प्रमुख विश्लेषक संयम चौरसिया ने कहा, चूंकि बाजार में स्वाभाविक मांग कम थी, इसलिए तीसरी तिमाही की बिक्री मुख्य रूप से दुकानों और वितरकों को दिए गए प्रोत्साहनों के जरिए बढ़ी, न कि ग्राहकों की सामान्य खरीदारी से। ओमडिया के अनुसार, विवो (आईक्यूओओ को छोड़कर) ने 97 लाख इकाई (20 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी) के साथ बाजार में अपनी बढ़त बढ़ा दी, जबकि सैमसंग 68 लाख इकाई (14 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी) के साथ दूसरे स्थान पर रहा। उसके बाद शाओमी तीसरे स्थान पर रही, जिसने ओप्पो (वनप्लस को छोड़कर) को थोड़े से अंतर से पीछे छोड़ दिया, दोनों विक्रेताओं ने 65 लाख इकाई की बिक्री की। छोटे शहरों की वजह से हुई वृद्धि के साथ, 49 लाख इकाई के साथ एप्पल शीर्ष पांच में वापस आ गई। चौरसिया ने बताया कि एप्पल ने तीसरी तिमाही में भारत में अब तक का सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज किया और 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
