हैदराबाद। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी बीपीसीएल ने कहा कि उसकी कच्चे तेल की खरीद उसकी रिफाइनरियों के लिए तकनीकी-व्यावसायिक व्यवहार्यता पर आधारित है और वह रूस सहित हर देश से खरीद जारी रखेगी। बीपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) संजय खन्ना ने कहा, हम हर क्षेत्र से तेल खरीदते हैं और जो तेल रिफाइनरी के लिए तकनीकी-व्यावसायिक रूप से सबसे अधिक व्यवहार्य होता है। केवल हम (बीपीसीएल) ही नहीं, बल्कि हर रिफाइनर उसे खरीदता है। इसलिए यही हमारा रुख है चाहे वह रूसी तेल हो या कोई भी अन्य तेल। हम इसी तरह काम करते हैं। जो भी हमें कंपनी के लिए उच्चतम मूल्य दे रहा है, वह विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करता है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को रूस से कच्चे तेल के आयात पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि ए निर्णय देश स्तर पर नहीं, बल्कि संबंधित कंपनी स्तर पर लिए जाते हैं। अधिकारी ने कहा कंपनियां कानून के अनुरूप ही यह निर्णय लेती हैं कि सबसे किफायती तेल कौन सा है। अधिकारी ने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी कच्चे तेल के आयातक को यह निर्देश नहीं दिया गया है कि वे रूस से तेल खरीदें या नहीं। खन्ना ने साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री के 2070 तक देश के लिए शुद्ध शून्य के दृष्टिकोण के अनुरूप, बीपीसीएल ने 2040 तक शुद्ध शून्य की एक विस्तृत योजना तैयार की है। इस योजना के एक प्रमुख घटक के रूप में बीपीसीएल की रिफाइनरी की ऊर्जा दक्षता में सुधार करना शामिल है। उन्होंने कहा, मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरी तीनों रिफाइनरियां इस दिशा में काम कर रही हैं। खन्ना ने बताया कि वर्तमान में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में रामायपटनम बंदरगाह के पास कंपनी के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के लिए विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (डीएफआर) तैयार की जा रही है और आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी हासिल की जा रही है।
