मुंबई। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक चुनौतियों का संतोषजनक ढंग से सामना किया है।उन्होंने भरोसा जताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में आधार वर्ष 2011-12 पर आधारित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत तक पहुंच सकती है। नागेश्वरन ने यहां भारत समुद्री सप्ताह (आईएमडब्ल्यू) में कहा कि साख (रेटिंग) निर्धारण करने वाली तीन वैश्विक एजेंसियों ने हाल ही में भारत की साख बढ़ाई है और यदि देश इसी राह पर आगे बढ़ता रहा तो वह जल्द ही ए रेटिंग श्रेणी में आ सकता है। शिक्षाविद से नीति सलाहकार बने नागेश्वरन ने कहा कि अर्थव्यवस्था के जुझारूपन ने सरकार एवं भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए कदमों के साथ मिलकर भारतीय अर्थव्यवस्था को आरामदायक स्थितिै में रखा। उन्होंने कहा, इस साल वैश्विक अनिश्चितताओं एवं शुल्क संबंधी घटनाक्रमों से निपटने की भारतीय अर्थव्यवस्था के रुख से हमें काफी संतुष्ट होना चाहिए। मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि आयकर में राहत एवं माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को युक्तिसंगत बनाने सहित नीतिगत उपायों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक रूप से इस वर्ष की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को बेहतर बनाकर करीब सात प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। नागेश्वरन ने फरवरी में अनुमान लगाया था कि चालू वित्त वर्ष में आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत तक रह सकती है।
