मुंबई। एमसीएक्स में हुई तकनीकी गड़बड़ी के बीच सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने मंगलवार को बार-बार हो रही ऐसी समस्याओं के कारण कामकाज ठप होने को लेकर नाखुशी जताई। पांडेय ने संवाददाताओं से कहा कि पूंजी बाजार नियामक, यदि आवश्यक हुआ, तो मौजूदा समस्या का विश्लेषण करने के बाद सुधारात्मक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि सेबी ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एक मानक संचालन व्यवस्था का पालन करता है। सेबी प्रमुख ने निवेश शोध कंपनी मॉर्निंगस्टार के एक कार्यक्रम के दौरान अलग से बातचीत में कहा, पिछली समस्या जुलाई में थी और अब यह (एमसीएक्स) है। ऐसी समस्याओं का बार-बार होना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सेबी की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में ऐसी घटना के बाद की जाने वाली कार्वाई का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसके तहत मामले की रिपोर्टिंग से शुरुआत होती है और फिर मूल कारण का विश्लेषण किया जाता है। कई स्तर पर रिपोर्ट तैयार की जाती हैं। एक 24 घंटे के भीतर और दूसरी एक हफ्ते बाद। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे डिजिटल बदलाव के बीच बाजार मध्यस्थों के लिए परिचालन मजबूती सुनिश्चित करना और व्यावसायिक निरंतरता बनाए रखना जरूरी है। पांडेय ने कहा, साइबर सुरक्षा सभी बाजार सहभागियों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। कंपनियों को ग्राहकों के महत्वपूर्ण आंकड़ों और बुनियादी ढांचे को जटिल खतरों से सुरक्षित रखना चाहिए। पिछले महीने एमसीएक्स में एक बड़ी तकनीकी समस्या आई थी। इसके कारण कारोबार को अंजाम देने में चुनौतियां आईं और जिंस बाजार के शेयरों में भी बिकवाली हुई। पांडेय ने यह भी कहा कि उन्हें इस साल दिसंबर तक शेयर ब्रोकर के कामकाज को नियंत्रित करने वाले संशोधित नियमों को लागू किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नियामक ने 1992 में पहली बार बनाए गए नियमों पर एक चर्चा पत्र जारी किया है। इसे सेबी बोर्ड मंजूरी देगा। पांडेय ने तेज और अधिक प्रभावी शिकायत निवारण पर भी जोर दिया और सतर्कता की संस्कृति का आह्वान किया।
