नई दिल्ली। कोल इंडिया की इकाई बीसीसीएल के निदेशक मंडल में छह स्वतंत्र निदेशकों के रिक्त पद को शीघ्रता से भरे जाने की जरूरत है ताकि अनुषंगी कंपनी की सूचीबद्धता प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके। सूत्रों ने यह जानकारी दी। कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ-साथ बीएसई और एनएसई के समक्ष मई में दस्तावेज दाखिल किए थे। सूत्रों ने बताया कि कोयला मंत्रालय ने कैबिनेट सचिव टी. वी. सोमनाथन को सूचित किया है कि वर्तमान में बीसीसीएल के निदेशक मंडल में छह स्वतंत्र निदेशक पद रिक्त हैं जिन्हें सूचीबद्धता प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए शीघ्रता से भरे जाने की जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि कोयला मंत्रालय ने कैबिनेट सचिव को यह भी बताया कि वह बीसीसीएल को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में है जिसके लिए रोड शो अंतिम चरण में हैं। सेबी का आदेश है कि अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आईपीओ के लिए दस्तावेज) दाखिल करने से पहले सभी स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति हो जानी चाहिए। सीआईएल की एक अन्य पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) ने भी आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं बीसीसीएल एक कोयला उत्पादक सहायक कंपनी है और सीएमपीडीआई, कोल इंडिया की एक तकनीकी इकाई है। कोल इंडिया का घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक योगदान है।
