बेंगलुरु। महिंद्रा एंड महिंद्रा का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक करीब 7,000 इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बात कही। मुंबई स्थित यह वाहन विनिर्माता कंपनी वर्तमान में प्रति माह चार से पांच हजार इलेक्ट्िरक वाहन बेचती है। कंपनी ने सात सीट वाली एक्सईवी 9एस की बृहस्पतिवार को पेशकश के साथ अपने इलेक्ट्िरक वाहन खंड का विस्तार किया। इसका लक्ष्य कैलेंडर वर्ष 2027 व 2028 तक इलेक्ट्रिक श्रृंखला को अपने कुल खंड का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा बनाना है। एक्सईवी 9एस की शुरुआती कीमत 19.95 लाख रुपए से लेकर उच्च संस्करण की कीमत 29.45 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के कार्यकारी निदेशक तथा वाहन एवं कृषि क्षेत्र के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजेश जेजुरिकर ने यहां पत्रकारों से कहा, हम चालू वित्त वर्ष के अंत तक इलेक्ट्िरक वाहनों की परिचालन उत्पादन क्षमता को 8,000 इकाई प्रति माह तक ले जाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें से हमें प्रति माह 7,000 इकाई बेचने की उम्मीद है।  कंपनी वर्तमान में अपने चाकन स्थित विनिर्माण संयंत्र से अपने इलेक्ट्िरक वाहनों का उत्पादन करती है। महिंद्रा ने पिछले सात महीनों में 30,000 से अधिक इलेक्ट्िरक वाहन (बीई 6 और एक्सईवी 9) बेचे हैं। इससे उसे करीब 8,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। जेजुरिकर ने बताया कि कंपनी इलेक्ट्िरक वाहनों के लिए चार्जिंग संबंधी बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। 2027 तक करीब।,000 चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की योजना बना रही है। निर्यात पर किए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कंपनी इसे योजनाबद्ध तरीके से करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, इलेक्ट्रिक एसयूवी खंड के लिए हमारे पास निर्यात का एक समग्र रास्ता है लेकिन हम इसे एक निश्चित तरीके से करेंगे। हम फिर प्रतिक्रिया के आधार पर बाजारों पर विचार करेंगे।  जेजुरिकर ने कहा, हम इसमें जल्दबाजी नहीं करेंगे।  उन्होंने बताया कि कंपनी बैटरी के जीवनकाल के अंत तक के लिए भी कुछ समाधानों पर विचार कर रही है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (मोटर वाहन खंड) नलिनीकांत गोलागुंटा ने कहा कि यह एसयूवी महिंद्रा के लिए एक बड़े नए इलेक्ट्िरक युग की शुरुआत का संकेत है जिसे बड़े पैमाने पर उद्देश्यपूर्ण तरीके से और भारत की प्रगति की गहरी समझ के आधार पर बनाया गया है।