नई दिल्ली। अगले साल जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर दूसरी सबसे मजबूत रोजगार संभावनाएं जताई हैं। देश की करीब 52 प्रतिशत कंपनियां अगले तीन महीनों में भर्ती करने की योजना बना रही हैं।  मैनपावरग्रुप रोजगार परिदृश्य सर्वेक्षण के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए शुद्ध रोजगार संभावनाएं (एनईओ) 52 प्रतिशत हैं, जो एक साल पहले की तुलना में 30 प्रतिशत जबकि अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है। एनईओ उस अंतर को मापता है जो भर्ती बढऩे की उम्मीद करने वाले और भर्ती घटने की उम्मीद करने वाले नियोक्ताओं के बीच प्रतिशत में होता है। पहली तिमाही के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत एनईओ ब्राजील (54 प्रतिशत) में दर्ज किया गया। इसके बाद भारत (52 प्रतिशत) का दूसरा स्थान है जबकि संयुक्त अरब अमीरात (46 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर रहा। शीर्ष 10 देशों में नीदरलैंड (36 प्रतिशत), आयरलैंड (31 प्रतिशत), स्वीडन (30 प्रतिशत), ग्वाटेमाला (28 प्रतिशत), स्विट्जरलैंड (27 प्रतिशत), अमेरिका (27 प्रतिशत) और इजरायल (25 प्रतिशत) शामिल हैं। मैनपावरग्रुप के भारत एवं पश्चिम एशिया क्षेत्र के प्रबंध निदेशक संदीप गुलाटी ने कहा, भारत की भर्ती संभावनाएं सिर्फ मजबूत नहीं हैं, बल्कि ए आर्थिक विश्वास और क्षमता निर्माण के नए चरण का संकेत देती हैं। ए रुझान दिखाते हैं कि भारत मात्रा आधारित भर्ती से मूल्य निर्माण की तरफ बढ़ रहा है। कंपनियां कौशल, प्रौद्योगिकी और प्रतिभा संरचना में निवेश कर रही हैं।