हांगकांग। कैथे कार्गाे के दक्षिण एशिया, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका क्षेत्र के मालवाहक खंड के प्रमुख राजेश मेनन ने कहा कि भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने के साथ ही कंपनी भारत में निवेश बढ़ाने की योजना बना रही है। उन्होंने साथ ही देश को बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजार करार दिया। हांगकांग स्थित हवाई मालवाहक संचालक कैथे कार्गाे वर्तमान में भारत के लिए प्रति सप्ताह 13 मालवाहक सेवाएं.. पांच दिल्ली, पांच चेन्नई और तीन मुंबई के लिए संचालित करती है। मेनन ने कहा, भारत हमेशा से हमारे लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार रहा है और इसमें अपार संभावनाएं एवं वृद्धि के संकेत मिलते रहते हैं। भारत में 1953 में अपनी सेवाएं शुरू करने के बाद से हमने लगातार बढ़ते हुए 2000 में अपने मालवाहक परिचालन की शुरुआत की। हमने इस बाजार की अपार क्षमता और मजबूती को हमेशा पहचाना है। भारत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटल है और हम अपनी उपस्थिति को मजबूत एवं प्रभावशाली बनाए रखने के लिए निवेश करते रहेंगे। उन्होंने कहा, भारत में वृद्धि की गति वास्तव में प्रभावशाली है और हम इस गतिशील यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं। मेक इन इंडिया और गति शक्ति जैसी पहलों के साथ भारत में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए एक स्पष्ट मार्ग प्रशस्त हो गया है जो देश में हो रहे गतिशील बदलावों को दर्शाता है। मेनन ने कहा कि ए पहल निवेश की अपार संभावनाओं को उजागर करती हैं और विनिर्माण क्षेत्र के निरंतर वृद्धि एवं विस्तार के साथ लॉजिस्टिक क्षेत्र में उपलब्ध विशाल अवसरों को रेखांकित करती हैं। लॉजिस्टिक लागत को कम करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं के एकीकृत एवं योजनाबद्ध विकास हेतु प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पहल अक्टूबर 2021 में शुरू की गई थी। मेक इन इंडिया पहल निवेश को सुगम बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने, विश्व स्तरीय अवसंरचना का विनिर्माण करने तथा भारत को विनिर्माण, तैयार एवं नवाचार का केंद्र बनाने के लिए शुरू की गई थी। मांग में पिछले कुछ वर्ष में बदलाव आया है जिसमें एशिया प्रशांत क्षेत्र के मालवाहक सेवा प्रदाताओं की जगह पश्चिम एशिया की कंपनियां ले रही हैं। मेनन ने कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि यह कोई गलत धारण हो। उन्होंने कहा, अब सभी की हिस्सेदारी है और इसका मतलब है कि भारत में मांग बढ़ रही है तथा देश में व्यापार करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यह अच्छी बात है। कैथे कार्गाे के मालवाहक खंड के निर्देशक डोमिनिक पैरेट ने इससे पहले पीटीआई-भाषा को बताया था कि कैथे समूह की मालवाहक इकाई बाजार की स्थितियों के आधार पर भारत में विस्तार करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा था, भारत एक विनिर्माण शक्ति बनने की राह पर है और दिल्ली, मुंबई तथा चेन्नई से हमारे मालवाहक जहाजों के को-टर्मिनलाइजेशन के माध्यम से हम भारत में हैदराबाद, बेंगलुरु और संभावित रूप से अहमदाबाद जैसे अन्य प्रमुख विनिर्माण केंद्रों को सेवा प्रदान कर सकते हैं। को-टर्मिनलाइजेशन से तात्पर्य है कि एक ही मालवाहक जहाज हांगकांग लौटने से पहले भारत के एक से अधिक शहरों में सेवा प्रदान करता है।
