नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मंगलवार को कहा कि उसे रूस से करीब तीन सप्ताह से तेल का कोई बैरल नहीं मिला है और जनवरी में भी इसके प्राप्त होने की कोई उम्मीद नहीं है। रिलायंस ने 20 नवंबर 2025 को कहा था कि उसने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का अनुपालन करने के लिए गुजरात के जामनगर स्थित अपनी निर्यात-विशिष्ट रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का उपयोग बंद कर दिया है। इससे पहले रिलायंस, भारत में रूसी तेल की सबसे बड़ी खरीदार थी जिसे वह जामनगर स्थित अपने विशाल तेल शोधन परिसर में संसाधित करके पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में तब्दील करती थी। इस परिसर में दो रिफाइनरियां हैं। एक विशेष क्षेत्र (एसईजेड) इकाई जहां से यूरोपीय संघ, अमेरिका तथा अन्य बाजारों में ईंधन निर्यात किया जाता है और एक पुरानी इकाई जो मुख्य रूप से घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करती है। यूरोपीय संघ, रिलायंस के लिए एक बड़ा बाजार है और उसने रूस के ऊर्जा राजस्व को लक्षित करते हुए व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं जिनमें रूसी कच्चे तेल से उत्पादित ईंधन के आयात और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले उपाय भी शामिल हैं। इन शर्तों का पालन करने के लिए, रिलायंस ने अपने केवल निर्यात के लिए बने (एसईजेड) रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण बंद कर दिया था। कंपनी ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को मंगलवार को पूरी तरह से असत्य बताया जिसमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से लदे तीन जहाजों को रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी के लिए तैयार किया जा रहा है।  रिलायंस ने बयान में कहा, रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को पिछले करीब तीन सप्ताह से रूसी तेल की कोई खेप नहीं मिली है और जनवरी में भी रूसी कच्चे तेल की कोई आपूर्ति मिलने की उम्मीद नहीं है।  ब्लूमबर्ग एक वैश्विक मीडिया एवं वित्तीय सूचना कंपनी है जो व्यापार, अर्थव्यवस्था, वित्तीय बाजार एवं नीति से जुड़ी विश्वसनीय खबरें व डेटा प्रदान करती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में आंकड़ा विश्लेषक कंपनी केप्लर के हवाले से कहा गया था कि करीब 22 लाख बैरल यूराल (रूसी कच्चे तेल का एक प्रकार) से लदे कम से कम तीन टैंकर सिक्का बंदरगाह की ओर जा रहे थे जिसके माध्यम से जामनगर रिफाइनिंग परिसर अपने कच्चे तेल के आयात का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त करता है। सिक्का बंदरगाह का इस्तेमाल हालांकि रिलायंस के अलावा अन्य कंपनियां भी करती हैं। उद्योग जगत से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में उल्लिखित तीनों टैंकर संभवत: भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बीना रिफाइनरी के लिए थे, रिलायंस के लिए नहीं। रिलायंस के एक प्रवक्ता ने 20 नवंबर 2025 को बयान में कहा था, हमने 20 नवंबर से अपने एसईजेड रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात बंद कर दिया है। वहीं एक दिसंबर से एसईजेड रिफाइनरी से निर्यात किए जाने वाले सभी उत्पाद गैर-रूसी कच्चे तेल से प्राप्त किए जाएंगे।  इससे पहले, रिलायंस प्रतिदिन भारत को भेजे जाने वाले रियायती रूसी कच्चे तेल के करीब आधे हिस्से की खरीद करता था जिसकी मात्रा 17-18 लाख बैरल थी।