रोम। पोप फ्रांसिस के चिकित्सक ने उनके आखिरी क्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि जब उन्हें सोमवार तड़के वेटिकन बुलाया गया, तो उन्होंने पोप को आंखें खुली होने और सामान्य रूप से सांस लेते हुए पाया लेकिन उनका शरीर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। इतालवी समाचार पत्र कोरिएरे डेला सेरा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। डॉ. सर्जियो अल्फिएरी ने पोप फ्रांसिस के निमोनिया का पांच सप्ताह तक इलाज किया था। पोप के वेटिकन लौटने के बाद भी चिकित्सक ने उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखी थी। अल्फिएरी को सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे पोप के स्वास्थ्य सहायक मासिमिलियानो स्ट्रापेट्टी ने सूचित किया कि पोप की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत है। चिकित्सक करीब 20 मिनट बाद पहुंचे। अल्फिएरी ने बताया, ैमैं पोप के कमरे में गया, उनकी आंखें खुली थीं। सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन पुकारने पर भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसी क्षण मुझे समझ आ गया कि अब कुछ नहीं किया जा सकता। वह कोमा में थे।अल्फिएरी ने बताया कि उन्हें वापस जेमेली अस्पताल ले जाना जोखिम भरा था, जहां पहले उनका जटिल श्वसन संक्रमण का इलाज किया गया था।उन्होंने कहा, ैपोप हमेशा कहते थे कि वह घर पर ही अपना आखिरी समय बिताना चाहते हैं।पोप को स्ट्रोक आने के दो घंटे बाद उनका निधन हो गया। पोप का अंतिम संस्कार शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की सहित विश्व के कई नेता और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे।