तेल अवीव। इजराइल ने सोमवार को गाजा पट्टी के पूरे हिस्से पर कब्जा करने और अनिश्चित समय तक वहां बने रहने की योजना को मंजूरी दे दी। इजराइल के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अगर इस योजना को अंजाम दिया गया तो फलस्तीनी क्षेत्र में इजराइल के अभियान का विस्तार होगा और इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विरोध सामने आ सकता है।
इसराइल की कैबिनेट ने दी मंजूरी
इजराइल के कैबिनेट मंत्रियों ने तड़के हुए मतदान में इस योजना को मंजूरी दी। इससे कुछ घंटे पहले ही इजराइल के सेना प्रमुख ने कहा था कि सेना हजारों सैनिकों को तैयार रहने के लिए कह रही है।अधिकारियों के अनुसार इस नई योजना का मकसद इजराइल को हमास को हराने और गाजा में बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराने के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करना है। यह योजना हजारों फलस्तीनियों को दक्षिण गाजा की ओर धकेलने में मददगार हो सकती है। इससे पहले से ही मौजूद मानवीय संकट और गहरा हो सकता है।
आधी गाजा पट्टी पर इसराइल का कब्जा
मार्च के मध्य में इजराइल और हमास के बीच युद्ध विराम टूटने के बाद इजराइल ने इस क्षेत्र पर भयंकर हमले किए हैं, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए हैं। उसने कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है और अब गाजा के लगभग 50 प्रतिशत हिस्से पर इसका नियंत्रण है। युद्ध विराम समाप्त होने से पहले, इजराइल ने गाजा में भोजन, ईंधन और पानी सहित सभी मानवीय सहायता रोक दी थी, जिससे लगभग 19 महीनों के युद्ध में सबसे खराब मानवीय संकट पैदा हो गया है।
गाजा में भुखमरी,लूटपाट की आशंका
सहायता प्रतिबंधित करने से भुखमरी की स्थिति बन गई और आवश्यक वस्तुओं की कमी होने से लूटपाट की आशंका भी पैदा हो गई। इजराइल धीरे-धीरे हमास पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
इजराइल के अधिकारियों ने कहा कि इस योजना में पट्टी पर कब्जा करना और क्षेत्रों को नियंत्रण में लेना शामिल है। इस योजना में चरमपंथी हमास समूह को मानवीय सहायता वितरित करने से रोकने की भी कोशिश की जाएगी, जिसके बारे में इजराइल का कहना है कि इससे गाजा में समूह का शासन मजबूत होगा।
अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की इसराइल कर रहा उपेक्षा
अधिकारियों ने कहा कि इस योजना में हमास के ठिकानों पर शक्तिशाली हमले करना भी शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि इजराइल गाजा पर कब्जा करने और वहां के लोगों को स्थानांतरित करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को लेकर कई देशों के संपर्क में है, जिसे इजराइल ने स्वैच्छिक विस्थापन कहा है। यूरोप और अरब देशों में इजराइल के सहयोगियों ने इसकी निंदा की है।एक अधिकारी ने कहा कि इस योजना को धीरे-धीरे अमल में लाया जाएगा। दोनों अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर ए दावे किए। इजराइल पिछले कई हफ्तों से हमास पर दबाव बढ़ाने और उस पर युद्ध विराम वार्ता में ज्यादा लचीलापन दिखाने के लिए दबाव डालने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, दोनों पक्षों को एक नए समझौते की ओर लाने की कोशिश कर रहे अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों को काफी संघर्ष करना पड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र योजना का हिस्सा नहीं
सहायता समूहों के बीच प्रसारित और एसोसिएटेड प्रेस को प्राप्त हुए एक आंतरिक ज्ञापन के अनुसार, इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र को बताया कि वह गाजा में सहायता वितरण को नियंत्रित करने के लिए निजी सुरक्षा कंपनियों का उपयोग करेगा। संयुक्त राष्ट्र ने रविवार को एक बयान में कहा कि वह प्रस्तुत की गई योजना में भाग नहीं लेगा, क्योंकि यह उसके मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
