इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी और भारतीय सेनाओं के बीच चार दिनों तक रही टकराव की स्थिति के दौरान एकता और अखंडता का अनुकरणीय प्रदर्शन करने के लिए अपने गठबंधन सहयोगियों और विपक्ष सहित देश के राजनीतिक नेतृत्व को धन्यवाद दिया।
शरीफ ने देर रात राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जल संसाधनों के बंटवारे और कश्मीर मुद्दे सहित लंबे समय से जारी मुद्दों को सुलझाने के लिए शांतिपूर्वक वार्ता का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। भारत और पाकिस्तान ने जमीन, हवा और समुद्र पर सभी तरह की गोलाबारी और सैन्य कार्वाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए शनिवार को सहमति जताई। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के साथ बनी सहमति पर क्षेत्रीय शांति के हित में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारत एवं पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अमेरिका, ब्रिटेन, तुर्किए, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात सहित सभी मित्र देशों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रति आभार व्यक्त किया।
शरीफ ने पाकिस्तान के समय की कसौटी पर खरे उतरे और भरोसेमंद मित्र चीन के प्रयासों और समर्थन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह इस संकट की घड़ी में पाकिस्तान के साथ खड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ बनी सहमति को पूरे देश और पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की सफलता बताया।
रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, शरीफ ने कहा कि पाकिस्तानी सेना का ऑपरेशन बुनयान-उन-मरसूस सफल रहा और भारत की कार्वाई का पेशेवर तरीके से जवाब दिया गया। उन्होंने कहा, देश और हमारे सशस्त्र बलों ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान एक बहादुर, आत्म-संयमी और विवेकशील राष्ट्र है।
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने पहलगाम हमले की विश्वसनीय और पारदर्शी जांच में शामिल होने की पेशकश की थी लेकिन नई दिल्ली ने सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। शरीफ ने पूरे अपने देश और सशस्त्र बलों को इस जीत की बधाई दी।
शरीफ ने घोषणा की कि पाकिस्तान रविवार (11 मई) को भारत की कार्वाई का माकूल जवाब देने के लिए यौम-ए-तशक्कुर (धन्यवाद दिवस) के रूप में मनाएगा। बयान के अनुसार, शरीफ ने कहा, हम इस सफलता के लिए अल्लाह के शुक्रगुजार हैं, जिसने हमें विजई बनाया। यह पाकिस्तानी सेना की बहादुरी को याद करने का दिन है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि ऑपरेशन बुनयान मरसूस के तहत पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने भारतीय सेना की कार्वाई का पूरा जवाब दिया।
