ढाका। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के एक शीर्ष सहयोगी ने कहा है कि चुनाव पूरी तरह देश का आंतरिक मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक था। यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने हसीना की अवामी लीग की गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध पर भारत द्वारा व्यक्त चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी। बांग्लादेश ने सोमवार को रातों-रात संशोधित आतंकवाद विरोधी कानून के तहत अवामी लीग को आधिकारिक रूप से भंग कर दिया।
आलम ने मंगलवार को सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संवाद संस्था (बीएसएस) से कहा, चुनाव पूरी तरह से हमारा आंतरिक मामला है। हम सभी से चुनाव से संबंधित मामलों में अपने लोगों की संप्रभु इच्छा का सम्मान करने का आग्रह करते हैं। आलम ने कहा कि अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि अवामी लीग पर उचित प्रक्रिया के बिना प्रतिबंध एक चिंताजनक घटनाक्रम है। भारत ने बांग्लादेश में जल्द स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने का भी आह्वान किया। जायसवाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए आलम ने कहा, जहां तक चुनावों का सवाल है, हमें याद है कि कैसे अवामी लीग ने बार-बार घोर हास्यास्पद चुनावों का सहारा लिया और हमारी चुनावी प्रक्रियाओं और संस्थाओं को अपूरणीय क्षति पहुंचाई। आलम ने कहा, इस पार्टी द्वारा मानवता के खिलाफ किए गए अपराधों के घाव अब भी ताजा हैं। उन्होंने कहा, हमने देखा है कि कैसे अवामी लीग ने अपने 15 साल के अत्याचारी और लूटपाट वाले शासन के दौरान हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, हमारे राजनीतिक अवसरों को बुरी तरह से दबा दिया और हमारी संप्रभुता से समझौता किया।
हसीना की पार्टी को आम चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। चुनाव दिसंबर 2025 से जून 2026 के बीच हो सकते हैं। हसीना की 16 साल पुरानी अवामी लीग सरकार को पिछले साल 5 अगस्त को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक आंदोलन के बाद अपदस्थ कर दिया गया था, जिसके बाद 77 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री को भारत जाना पड़ा था। हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने के तीन दिन बाद, यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाला।
1949 में गठित, अवामी लीग ने तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में दशकों तक बंगालियों की स्वायत्तता के लिए आंदोलन का नेतृत्व किया और अंतत: 1971 में मुक्ति संग्राम की अगुवाई की। सोमवार को अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने की बांग्लादेश की कार्वाई यूनुस की अंतरिम सरकार द्वारा कानून के पिछले संस्करण के तहत इसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के दो दिन बाद आई। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने रविवार रात को आतंकवाद रोधी अधिनियम में संशोधन करते हुए एक अध्यादेश जारी किया था, जिसमें प्रेस में बयानों, सोशल मीडिया सामग्री या कानून के तहत आरोपी किसी भी व्यक्ति या संस्था के समर्थन में सार्वजनिक सभाओं सहित किसी भी प्रकार के प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
अंतरिम प्रशासन ने कहा कि अवामी लीग पर प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक एक विशेष न्यायाधिकरण पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ मुकदमा पूरा नहीं कर लेता। हसीना और उनकी पार्टी के कई नेता सैकड़ों मामलों का सामना कर रहे हैं, जिनमें सामूहिक हत्या और भ्रष्टाचार के मामले भी शामिल हैं। तब से, उनकी पार्टी के अधिकांश नेता और उनकी सरकार के मंत्री या तो गिरफ्तार हैं या विदेश भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच लगभग।,400 लोग मारे गए - जिनमें से कई अवामी लीग समर्थकों या पुलिसकर्मियों पर जवाबी कार्वाई के शिकार हुए।
