पेशावर। पाकिस्तान ने बुधवार को अफगान नागरिकों और सभी अवैध विदेशियों को स्वेच्छा से देश छोड़ने को कहा और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की। गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया, अपने देश लौटने वालों से सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके भोजन और स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए व्यवस्था की गई है।
इस साल की शुरुआत में, गृह मंत्रालय ने सभी अवैध विदेशियों और अफगान नागरिक कार्ड (एसीसी) धारकों को 31 मार्च से पहले पाकिस्तान छोड़ने के लिए कहा था और चेतावनी दी कि अन्यथा उन्हें एक अप्रैल से निर्वासित किया जाएगा। एसीसी 2017 में अफगान शरणार्थियों को अस्थाई कानूनी दर्जा देने के लिए शुरू किया गया एक दस्तावेज है। अधिकारियों ने इसके बाद देश के सभी हिस्सों से हजारों अफगान नागरिकों को निर्वासित करना शुरू कर दिया।
गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, एक अप्रैल, 2025 को अवैध विदेशी स्वदेश वापसी कार्यक्रम (आईएफआरपी) के शुरू होने के बाद से कुल 11,02,441 अवैध विदेशियों को वापस भेजा गया है। बयान में लोगों को अवैध विदेशियों को नौकरी पर रखने, उन्हें किराए पर आवास या होटल में ठहरने की सुविधा देने या उनके साथ व्यापार करने के खिलाफ भी चेतावनी दी गई है। मंत्रालय ने कहा, ऐसे उल्लंघनकर्ताओं से कानून के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।
पाकिस्तान ने लाखों अफगान शरणार्थियों को शरण दी है, जो अपने देश में 40 साल के संघर्ष के दौरान सीमा पार कर आए थे। नवंबर 2023 से, पाकिस्तान ने निर्वासन अभियान के तहत लगभग 13 लाख अफगान शरणार्थियों को वापस भेजा है। लगभग 30 लाख अफगान शरणार्थी पाकिस्तान में रह रहे थे। अधिकारियों ने पहले कहा था कि इनमें से 8,13,000 के पास एसीसी कार्ड हैं, जबकि 13 लाख के पास पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड हैं।
