ट्रम्प के ख़िलाफ़ अमेरिका में  नो किंग्स

नो किंग्स नामक इन विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों ने कहा कि सैंकड़ों जगहों पर लाखों लोगों ने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया।  इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों के बीच छिट-पुट झड़प की खबरें आईं। हालांकि लॉस एंजिलिस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 

फिलाडेल्फिया (अमेरिका)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोध में शनिवार को पूरे अमेरिका में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों, पार्कों और चौकों पर एकत्र हुए। उन्होंने शहरों और छोटे कस्बों में मार्च निकाला तथा लोकतंत्र व आप्रवासी अधिकारों की रक्षा के समर्थन के साथ ही सत्ता-विरोधी नारे लगाए।
नो किंग्स नामक इन विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों ने कहा कि सैंकड़ों जगहों पर लाखों लोगों ने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया।  इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों के बीच छिट-पुट झड़प की खबरें आईं। हालांकि लॉस एंजिलिस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 
पोर्टलैंड में भी अधिकारियों ने अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन भवन के सामने विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसके अलावा यूटा के साल्ट लेक सिटी में पुलिस एक मार्च के दौरान हुई गोलीबारी की जांच कर रही है, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था।
 पुलिस प्रमुख ब्रायन रेड के अनुसार, इस घटना के संबंध में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। रेड ने कहा कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि गोलीबारी राजनीति से प्रेरित थी या नहीं और इसमें शामिल लोग एक-दूसरे को जानते थे या नहीं। उन्होंने बताया कि हमलावर मार्च कर रहे हजारों लोगों के समूह के साथ-साथ चल रहा था। 
न्यूयॉर्क, डेनवर, शिकागो, ऑस्टिन और लॉस एंजिलिस में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया। अटलांटा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सिएटल टाइम्स की खबर के अनुसार, सिएटल के अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि शहर की सबसे बड़ी रैली में 70,000 से अधिक लोग शामिल हुए।
 
अमेरिका को निशाना बनाने की न सोचे ईरान: ट्रंप
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का ईरान पर हमले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अमेरिकी हितों को निशाना बनाने के खिलाफ ईरान को चेतावनी भी दी। ट्रंप ने शनिवार रात ट्रुथ सोशल पर लिखा, ईरान पर हुए हमले से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। अगर हम पर ईरान की तरफ से किसी भी तरह हमला हुआ तो अमेरिकी सशस्त्र बल पूरी ताकत से आप पर टूट पड़ेंगे और वो हश्र करेंगे जो आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। हालांकि हम ईरान और इजराइल के बीच आसानी से समझौता करवाकर इस खूनी संघर्ष को खत्म करवा सकते हैं।