मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद कई और लोगों को फांसी पर लटकाया जा सकता है।फांसी पर लटकाए गए तीनों व्यक्तियों की पहचान ईरान ने आजाद शोजाई, इद्रिस आली और इराकी नागरिक रसूल अहमद रसूल के रूप में की है।
दुबई। ईरान ने इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में बुधवार को तीन और कैदियों को फांसी दे दी। ईरान की सरकारी इरना समाचार एजेंसी ने इस बारे में खबर दी। कैदियों को ईरान के पश्चिम अजरबैजान प्रांत की उर्मिया जेल में फांसी दी गई। पश्चिम अजरबैजान देश का सबसे उत्तर पश्चिमी प्रांत है।
तीनों कैदियों पर ईरान में हथियार लाने के आरोप हैं
इरना ने खबर में ईरान की न्यायपालिका का हवाला देते हुए कहा कि इन व्यक्तियों पर देश में हथियार लाने का आरोप था। ईरान ने इजराइल के साथ अपने युद्ध के दौरान कई लोगों को फांसी की सजा दी है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद कई और लोगों को फांसी पर लटकाया जा सकता है।फांसी पर लटकाए गए तीनों व्यक्तियों की पहचान ईरान ने आजाद शोजाई, इद्रिस आली और इराकी नागरिक रसूल अहमद रसूल के रूप में की है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इससे पहले आशंका जताई थी कि इन लोगों को फांसी पर लटकाया जा सकता है।
बुधवार को दी गई फांसी के साथ ही 16 जून से युद्ध के दौरान जासूसी के आरोप में फांसी की सजा पाने वालों की कुल संख्या छह हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि और अधिक लोगों को फांसी दी जा सकती है क्योंकि ईरान के धर्मगुरुओं ने जासूसी के मामले में लोगों को आत्मसमर्पण करने के लिए रविवार तक की समय सीमा जारी की थी।
ईरान की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी सामान्य हुई
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर इजराइल के साथ संघर्ष विराम लागू होने के बाद ईरान के लोग अब धीरे धीरे सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान और इजराइल की सरकार के अनुसार युद्ध में इजराइल में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई है और।,000 लोग घायल हुए हैं जबकि ईरान में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। ईरान की सरकार ने मंगलवार को मृतकों की संख्या 606 और घायलों की संख्या 5,332 बताई थी। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़े से पता चलता है कि ईरान पर इजराइल के हमले में कम से कम।,054 लोगों की मौत हुई है और 4,476 अन्य घायल हुए हैं।
