इस्लामाबाद। यूरोप के तीन पर्वतारोहियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में नंगा पर्वत चोटी पर पैराग्लाइडिंग और स्कीइंग करने का कारनामा कर दिखाया। मीडिया में बृहस्पतिवार को जारी एक खबर से यह जानकारी सामने आई है।
डॉन न्यूज की खबर के अनुसार, जर्मन पर्वतारोही डेविड गटलर ने नंगा पर्वत से पैराग्लाइडिंग की, जबकि फ्रांस के टिफेन डुपेरियर और बोरिस लैंगेंस्टीन ने वहां स्कीइंग कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
 
एडवेंचर टूअर्स पाकिस्तान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नाइकनाम करीम ने बताया कि तीनों विदेशी पर्वतारोहियों ने शेल मार्ग से 8,126 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नंगा पर्वत पर चढ़ाई शुरू की थी।करीम के मुताबिक, गटलर, डुपेरियर और लैंगेंस्टीन 21 से 24 जून के बीच लगभग 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आधार शिविर से कठिन रूपल फेस के रास्ते पर्वत चोटी पर चढ़े।
गटलर (47) ने पैराग्लाइडर के जरिए ऊपर से उतरने की योजना बनाई थी। हालांकि, शिखर पर पहुंचने के बाद तेज हवा के कारण उन्हें 7,700 मीटर की ऊंचाई से पैराग्लाइडिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा।गटलर 24 जून को आधार शिविर लौटे, जबकि अन्य दो पर्वतारोही 27 जून को स्कीइंग कर वापस आए।
 
जर्मन टूर संचालक, गाइड और पैराग्लाइडिंग इंस्ट्रक्टर माइकल बीक ने फेसबुक पर एक पोस्ट में गटलर को बधाई देते हुए लिखा कि उन्होंने यह कारनामा कर दिखाकर इतिहास रच दिया है।बीक ने कहा, टिफेन डुपेरियर और बोरिस लैंगेंस्टीन का अल्पाइन शैली में नंगा पर्वत की चोटी पर चढ़ना अविश्वसनीय था, लेकिन उसी दिन 7,700 मीटर की ऊंचाई से वापस आधार शिविर पहुचंना मेरी खुशी को अगले स्तर पर ले गया। खबर के मुताबिक, कोई पर्वतारोही रूपल फेस और नंगा पर्वत के शिखर से पहली बार स्कीइंग कर आधार शिविर तक पहुंचने है।