इस्लामाबाद। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर दो पूर्वी प्रांतों में हवाई हमले करने का आरोप लगाया है जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए, सात अन्य घायल हो गए और मकानों को नुकसान पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों ने इन हमलों में लोगों की मौत की जानकारी दी है।
पाकिस्तान की ओर से हो रही उकसाने वाली कार्रवाई
काबुल में विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर रात नांगरहार और खोस्त प्रांतों में हुए हमलों की निंदा की और इसे पाकिस्तान की ओर से एक उकसाने वाली कार्वाई बताया। मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को तलब किया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी हमलों की निंदा की। उसने एक्स पर लिखा, इस तरह की बर्बर और क्रूर कार्वाइयों से किसी भी पक्ष को फ़ायदा नहीं होता, बल्कि ए दोनों मुस्लिम देशों के बीच दूरियां बढ़ाती हैं और नफरत को बढ़ावा देती हैं। इन गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों के गंभीर परिणाम होंगे। न तो पाकिस्तानी सरकार और न ही सेना ने कथित हमलों पर कोई टिप्पणी की है।
पाकिस्तान तालिबान एक आतंकवादी समूह है
काबुल ने पहले भी पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी तालिबान के संदिग्ध ठिकानों पर हवाई हमले करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान तालिबान एक आतंकवादी समूह है जिस पर पाकिस्तान में प्रतिबंध है और जिसे देश के कुछ सबसे घातक आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। नांगरहार के डिप्टी-गवर्नर मौलवी अजीजुल्लाह मुस्तफा ने कहा कि हमले पाकिस्तानी ड्रोनों द्वारा किए गए। अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि नांगरहार और खोस्त में तीन लोग मारे गए और सात घायल हुए।
इस्लामाबाद-काबुल के संबंध 2021 से तनावपूर्ण बने हैं
ये ताज़ा हमले पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के शीर्ष राजनयिकों की काबुल में हुई बैठक और आतंकवाद के खिलाफ करीबी सहयोग का संकल्प लेने के एक हफ्ते बाद हुए हैं। तीन महीने पहले ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए अपने राजनयिक संबंधों को उन्नत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।हालांकि, इस्लामाबाद और काबुल के बीच संबंध 2021 से तनावपूर्ण बने हुए हैं, जब अफगान तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था।
