दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी)। हमास ने सोमवार को शेष बचे 13 जीवित बंधकों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन रेड क्रॉस के अधिकारियों को सौंप दिया। इजराइल की सेना ने यह जानकारी दी।इजराइल की सेना बंधकों को अब इजराइल ले जाएगी। इससे पहले हमास ने सोमवार को सात बंधकों को रिहा किया था।
गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच दो साल के युद्ध के बाद सफल युद्ध विराम के तहत बंधकों की यह पहली रिहाई है। बंधकों की स्थिति के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। हमास ने कहा है कि इजराइल द्वारा बंदी बनाए गए।,900 से अधिक फलस्तीनी कैदियों के बदले 20 जीवित बंधकों को रिहा किया जाएगा।
जैसे ही इजराइली टेलीविजन चैनलों ने घोषणा की कि बंधक रेड क्रॉस को सौंप दिए गए, बंधकों के परिवारों और दोस्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। हजारों इजराइली देश भर में सरकारी टेलीविजन पर इन बंधकों की रिहाई को देख रहे हैं और तेल अवीव में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
फलस्तीनी भी इजराइल द्वारा बंधक बनाए गए सैकड़ों कैदियों की रिहाई का इंतजार कर रहे हैं। युद्ध के कारण भुखमरी का सामना कर रहे गाजा में मानवीय सहायता में वृद्धि की उम्मीद हैं, जहां लाखों लोग बेघर हो गए हैं।अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम और बंधकों को रिहा करने के समझौते को समर्थन जताने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को इजराइल पहुंचे। ट्रंप ने घोषणा की कि इस समझौते ने युद्ध को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया है तथा इसने पश्चिम एशिया में स्थाई शांति के द्वार खोल दिए हैं।
जैसे ही ट्रंप एयरफोर्स वन (अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान) से उतरे, वाहनों का एक काफिला हमास द्वारा समझौते के तहत रिहा किए गए पहले बंधकों को लेकर इजराइल पहुंचा। हमास और गाजा के भविष्य को लेकर बड़े सवाल बने हुए हैं, हालांकि बंधकों और कैदियों की यह अदला-बदली इजराइल और इस चरमपंथी समूह के बीच अब तक के सबसे भीषण युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
