कराची। बांग्लादेशी कलाकारों की 18 साल बाद पाकिस्तान में प्रस्तुति ने दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। ए कलाकार कराची कला परिषद में आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव में भाग ले रहे हैं। बांग्लादेशी दल में कई कलाकार हैं, जिनमें कुछ हिंदू कलाकार भी हैं। बुधवार रात शिरीन जवाद की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। 
 
 
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बांग्लादेश आर्ट वीक की संस्थापक निहारिका मुमताज कर रही हैं। उन्होंने कहा, लगभग 18 साल बाद पाकिस्तान में बांग्लादेशी कलाकारों के लिए यह अवसर हमारी सांस्कृतिक विविधता को यहां के लोगों के सामने प्रस्तुत करने का शानदार मौका है। पिछले एक दशक से अधिक समय से जारी राजनयिक और राजनीतिक मतभेदों के कारण बांग्लादेशी कलाकारों की पाकिस्तान में आधिकारिक यात्राएं बंद थीं।
 
 
2010 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के कार्यकाल में 1971 के मुक्ति संग्राम में पाकिस्तानी सेना के सहयोगियों के खिलाफ मुकदमों की शुरुआत के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे।  हालांकि, पांच अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के जरिए हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों को बहाल करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
 
 
बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में शिरीन जवाद, सुबोर्ना मोर्शेदा, फारिया चौधरी, शंभु आचार्य और बबली बर्णा शामिल हैं, जो संगीत, नृत्य और दृश्य कला के माध्यम से अपने देश की संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आयोजन 30 अक्टूबर से शुरू होकर सात दिसंबर तक चलेगा और इसमें 140 देशों के कलाकार भाग ले रहे हैं। कराची कला परिषद के अध्यक्ष अहमद शाह ने कहा कि बांग्लादेशी कलाकारों की भागीदारी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान में एक नए दौर की शुरुआत है।