इस्लामाबाद। जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारी सीमा पार चरमंपथ का स्थाई समाधान खोजने के लिए तुर्किए में वार्ता कर रहे थे तो उसी समय दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए यह वार्ता इस्तांबुल में शुरू हुई। यह तनाव पिछले महीने सीमा पर संघर्ष के बाद पैदा हुआ था। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 11 से 15 अक्टूबर के बीच हुई झड़पों में दोनों पक्षों ने मानव क्षति की पुष्टि की थी। हालांकि, एक अस्थाई संघर्षविराम के बाद स्थिति को काबू में लाया गया था। इस संघर्षविराम को बढ़ा दिया गया था और यह अब तक लागू है। लेकिन बृहस्पतिवार को एक बार फिर गोलीबारी के बाद यह संघर्षविराम खतरे में पड़ गया। हालांकि, स्थिति को बाद में नियंत्रित कर लिया गया। दोनों देशों ने इस गोलीबारी के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया। पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक बयान में कहा, हम आज चमन में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हुई घटना के संबंध में अफगान पक्ष द्वारा किए गए दावों को सख्ती से खारिज करते हैं।
