संयुक्त राष्ट्र। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सहायक संगठनों के कामकाज में अधिक पारदर्शिता का आह्वान किया है तथा संगठनों और व्यक्तियों को आतंकवादी संगठन या आतंकवादी घोषित करने के अनुरोधों को बिना कोई उचित स्पष्टीकरण दिए खारिज करने का हवाला दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को कार्यप्रणाली पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र की संरचना में केंद्रीय है और एक प्रमुख अंग है जिसकी मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी है। हरीश ने कहा, संयुक्त राष्ट्र के एक अंग के रूप में सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली इसकी विश्वसनीयता, प्रभावकारिता, दक्षता और पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसके कार्यक्षेत्र में कई क्षेत्र शामिल हैं लेकिन सदस्यों की संख्या केवल 15 सदस्यों तक सीमित है। सुरक्षा परिषद कई संकटों से घिरे और कई चुनौतियों का सामना कर रहे विश्व में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने सहायक अंगों के कामकाज में अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया।
