न्यूयॉर्क /वाशिंगटन। अमेरिका के एक सांसद ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समूहों की धार्मिक आजादी के लगातार दमन और उनके खिलाफ सरकार की भेदभाव पूर्ण नीति पर चिंता जताई है। पाकिस्तान की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ने इस वर्ष की शुरुआत में एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा हिंदू और ईसाई लड़कियों के जबरन धर्मांतरण और नाबालिग विवाह के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। सीनेट की विदेश संबंध समिति के अध्यक्ष सीनेटर जिम रिश्च ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, पाकिस्तान सरकार अल्पसंख्यक समूहों की धार्मिक स्वतंत्रता को ईश-निंदा कानून और अन्य भेदभावपूर्ण नीतियां लागू करके लगातार दबा रही है। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने अगस्त में स्ट्रीट्स ऑफ फियर: फ़्रीडम ऑफ रिलिजन ऑर बिलीफ इन 2024ा25 शीर्षक वाली एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें देश में अल्पसंख्यक समूहों विशेषकर अहमदियों, हिंदुओं और ईसाइयों के खिलाफ दमन के ऐसे मामलों को उजागर किया गया था।