नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने रविवार को प्रदेश कार्यालय में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा की उपस्थिती में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया। बैठक में प्रदेश महामंत्री सांसद योगेन्द्र चंदोलिया और कमलजीत सहरावत, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय, दिल्ली सरकार में मंत्री डॉ पंकज सिंह एवं रविन्द्र इंद्रराज, वन नेशन वन इलेक्शन के दिल्ली संयोजक गजेन्द्र यादव, सह संयोजक अशोक गोयल देवराहा और योगेन्द्र लाकड़ा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश की आवश्यकता है। आज वर्कशॉप के माध्यम से राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ जिसमें वन नेशन वन इलेक्शन राष्ट्र का अभियान बनें इस मुद्दे पर हमने चर्चा की है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि बार-बार देश में चुनाव होने देश का विकास बाधित होता है और पिछले 30 सालों का आंकड़ा अगर आप देखे तो हर साल किसी ना किसी राज्य में चुनाव होता है और हर पांच साल पर लोकसभा चुनाव के साथ राज्य का में चुनाव होता है इसलिए चुनावी प्रक्रिया में काफी समस्या आती है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि समय धन और संसाधन की बर्बादी होती है। पिछले लोकसभा चुनाव की बात करें तो एक करोड़ कर्मचारी पूरे चुनाव में लगे थे इसलिए अगर हमें देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो उसके लिए आवश्यकता है कि हमें देश के संसाधनों के साथ ही धन और समय बचाने की जरुरत है। जब भी देश में आचार संहिता लगाई जाती है तो विकास कार्य रुकते हैं। सचदेवा ने कहा कि इस अभियान को हम दिल्ली के घर-घर तक लेकर जाएंगे और कैसे देश समाज को लाभ मिलेगा उसके बारे में जन जागरण अभियान चलाएंगे। ऐसा नहीं है कि देश में वन नेशन वन इलेक्शन पर पहली बार चर्चा हो रही है बल्कि इससे पहले भी 1952-67 तक यह हुआ है और 1968 में जब सरकार गिराई गई उसके बाद ही व्यवस्थाएं बिगड़ी है।
