नई दिल्ली। दिल्ली के मुस्तफाबाद में हुई घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कांग्रेस दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने हादसे की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। यादव ने कहा कि अनधिकृत निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि मुस्तफाबाद में इमारत ढहने से 11 लोग घायल भी हुए है। मुस्तफाबाद में 2015 भाजपा, 2020 में आम आदमी पार्टी और 2025 में फिर भाजपा के विधायक है जिनके संरक्षण में अनधिकृत निर्माण भरपूर हो रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली के गांव, अनधिकृत कॉलोनियां और पुनर्वास कॉलोनियां जहां पर दिल्ली की 70 प्रतिशत से ज्यादा आबादी रहती है वहां पर भवनों के नक्शे पास नहीं होते इसलिए बिल्डिंग बॉयलॉस व निर्माण से संबधित कानूनों में आमूल चूल संशोधन की जरुरत है ताकि लोगों के नक्शे आसानी से पास हों और लोग कानून के अनुसार अपने मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है कि जो कॉलोनियां वर्ष 1977 में पास हुई थीं, उनमें आज तक भवन निर्माण के नक्शे पास नहीं होते। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली क्योंकि देश की राजधानी है इसलिए यहां की आबादी प्रतिदिन बढ़ रही है इसलिए भवन निर्माण के कानून में ऐसा संशोधन किया जाए जिससे कि लोगों को परेशानियां न उठानी पड़े और उनको भवन निर्माण की इजाजत आसानी से मिल जाए। तभी दिल्ली में अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाई जा सकेगी, नही तो अनधिकृत निर्माण होते रहेंगे। देवेंद्र यादव ने मुस्तफाबाद में चार मंजिला इमारत ढहने से 11 लोगों की मौत के लिए सीधे तौर पर भाजपा और आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। यादव ने कहा कि दिल्ली में बेरोक टोक के हो रहे अनधिकृत निर्माण के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी जिम्मेदार है क्योंकि दिल्ली नगर निगम में 15 वर्ष भाजपा का भ्रष्टाचारी शासन था और पिछले 3 वर्षों से आम आदमी पार्टी निगम पर सत्तासीन है। क्योंकि निगम के अधिकारियों ने अनाधिकृत निर्माण के नाम पर लोगों से पैसा लूटा है और भाजपा और आप के नेताओं की जेब भरी गई है। इसके साथ पिछले 12 वर्ष आप पार्टी दिल्ली की सत्ता में थी और वर्तमान में भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार है। नियमों को ताक पर रख कर दिल्ली में हो रहे अनाधिकृत निर्माण के लिए भाजपा और आप पार्टी अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। उन्होंने कहा कि यह किसी से छिपा नहीं है कि भाजपा और आप पार्टी के निगम पार्षद दिल्ली में बनने वाले मकान के प्रत्येक लैंटर पर अनाधिकृत उगाही करने के लिए लैंटर माफिया के नाम से जाने जाते है और यह भ्रष्टाचार निगम अधिकारियों की मिलीभगत से होता है। उन्होंने कहा कि बिल्ंिडग बॉयलॉस की आड़ में अधिकारीगण मोटी रिश्वत मांगते हैं जिसके कारण दिल्ली में अनाधिकृत निर्माण अधिक हो रहे हैं।
 
पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने की मांग 
देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की जांच के आदेश देकर निगम आयुक्त से जांच की रिपोर्ट मांगने से अपना पल्ला तो झाड़ लिया है लेकिन इससे इतने बड़े हादसे की भरपाई हो सकती है। मरने वालों को इंसाफ दिलाने के लिए हादसे की न्यायिक जांच होनी चाहिए और प्रभावित परिवारों को तुरंत मुआवजा दिया जाए। प्रधानमंत्री ने मृतक को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे की घोषणा की है। यादव ने कहा कि मृतकों को 2-2 लाख का मुआवजा आज महंगाई के हिसाब से कुछ भी नहीं है इसलिए मृतकों को 10-10 लाख रुपए और घायलों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा तुरंत प्रभाव से दिया जाना चाहिए। यादव ने कहा कि हर वर्ष निगम अधिकारी खतरनाक बिल्डिंगों की पहचान तो करते हैं परंतु होता कुछ नहीं है। यह पहला अवसर नहीं है जब खस्ताहाल बिल्डिंग गिरने से लोग मरे हो, अभी जनवरी में बुराड़ी में 5 मंजिला निर्माणाधीन बिल्ंिडग धराशायी हो गई थी जिसमें 5 लोग मरे थे और 12 घायल हुए थे। पिछले 12 वर्षों में दिल्ली में भाजपा और आप पार्टी के विधायक और पार्षदों के संरक्षण में अनाधिकृत निर्माण इनती अधिक संख्या में हुआ।