नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पारा चढ़ने के साथ ही लोगों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए सरकार ने एक्शन प्लान तैयार किया है। सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 की घोषणा की। इस कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, डॉ पंकज सिंह, एनडीएमए के सदस्य और विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, मुख्य सचिव धर्मेंद्र, एनडीएमए और यूएनईपी के प्रतिनिधियों सहित केंद्र व दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना दिल्लीवासियों को अत्यधिक गर्मी और हीटवेव की खतरनाक स्थिति से बचाने के लिए एक वैज्ञानिक और जन-उन्मुख योजना के रूप में तैयार की गई है। दिल्ली को हीटवेव-रेजिलिएंट बनाने की दिशा में सरकार के द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अवसर पर 'कूल रूफ टेक्नोलॉजी' और 'डिजिटल कोल्ड वॉटर डिस्पेंसर' जैसी दो अहम पर्यावरणीय पहलों की भी शुरुआत की गई। सीएम ने बताया कि इस प्लान के तहत पूरे शहर में तीन हज़ार वाटर कूलर लगाए जाएंगे। सरकार द्वारा फुटपाथों पर कूलिंग शेड्स बनाए जाएंगे, ताकि राह चलते लोगो को धूप से थोड़ी राहत मिल सके। सरकारी भवनों और निजी इमारतों पर कूल रूफ और ग्रीन रूफ टेक्नोलॉजी को अपनाया जाएगा। दिल्ली के 5500 से अधिक स्कूलों के 14 लाख बच्चों को आपदा प्रबंधन और हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। सरकार ने झुग्गी-बस्तियों से लेकर बड़े अस्पतालों तक हीटवेव से निपटने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। साथ ही दिल्ली के अस्पतालों में हीटवेव वार्ड बनाए जा रहे हैं और सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टॉप व रेलवे स्टेशनों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों की भागीदारी से चलने वाला एक जनआंदोलन बताया और सभी नागरिकों से इस प्रयास में सक्रिय सहयोग की अपील की। हीट एक्शन प्लान के बारे में अधिक जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अंतर्गत पूरे शहर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, निर्माण स्थलों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सावधानियां बरती जाएंगी। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, शीतल पेयजल की उपलब्धता, शेड्स और ठहराव स्थलों की व्यवस्था की जाए। सरकार की कोशिश है कि हीटवेव के दौरान कोई भी नागरिक गर्मी की मार से बीमार न हो। सभी संबंधित विभागों मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हीट अलर्ट्स समय पर लोगों तक पहुंचे, और बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सरकार दिल्ली को हीटवेव-रेज़िलिएंट सिटी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम उठा रहे हैं।
दिल्लीभर में लगाए जाएंगे तीन हज़ार वाटर कूलर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि दिल्ली हीट एक्शन प्लान 2025 को एनडीएमए के दिशा-निर्देशों, वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं, जिलास्तरीय संवेदनशीलता मानचित्रण और एनडीएमए, यूएनईपी, यूनिसेफ, रेज़िलिएंस एआई, यूसी बर्कले जैसे ज्ञान साझेदारों के साथ परामर्श के आधार पर तैयार की गई है। ताकि हर नागरिक को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सके। इस हीट एक्शन प्लान के तहत पूरे शहर में तीन हज़ार वाटर कूलर लगाए जाएंगे, एक हज़ार सड़कों पर, एक हज़ार सरकारी भवनों में और एक हज़ार ऐसे स्थानों पर जहां अक्सर फुटपाथों पर रहने वाले या बेघर लोगों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं होती है । इस पहल में सरकार के साथ-साथ पब्लिक, प्राइवेट और सीएसआर के माध्यम से भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली के सभी नागरिक और राहगीर को गर्मी के मौसम में साफ और ठंडा पानी उपलब्ध रहे। साथ ही सरकार द्वारा फुटपाथों पर कूलिंग शेड्स बनाए जाएंगे, ताकि राह चलते लोगों को धूप से राहत मिल सके। इसके अलावा, बस स्टॉप्स को भी इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि वहां खड़े बस का इंतज़ार करने वाले लोगों को गर्मी से राहत मिले। यह प्लान बच्चों, बुज़ुर्ग, खुले में काम करने वाले श्रमिक, महिलाएं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांगजन और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों को प्राथमिकता में रखकर तैयार की गई हैं।
बच्चों को 'वॉटर बेल' के जरिए डाली जाएगी पानी पीने की आदत
स्कूलों में बच्चों को 'वॉटर बेल' के जरिए पानी पीने की आदत डाली जाएगी और दिल्ली के 5500 से अधिक स्कूलों के 14 लाख बच्चों को आपदा प्रबंधन और हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक और प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की व्यवस्था की जाएगी, कूल रूफ टेक्नोलॉजी का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है और डिजिटल कोल्ड वॉटर डिस्पेंसर की लॉन्चिंग, यह सब हमारी हीट एक्शन रणनीति का हिस्सा है। यह सिर्फ योजना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और सशक्त दिल्ली की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है। इसके साथ ही हर गर्मी के मौसम के बाद विस्तृत समीक्षा की जाएगी ताकि सीखों के आधार पर योजना को और बेहतर बनाया जा सके।
