मधुबनी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले एक दशक में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत किया गया है और देशभर में 30,000 से अधिक नए पंचायत भवन बनाए गए हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी का यह विचार कि गांवों को सशक्त किए बिना भारत का विकास नहीं हो सकता, पंचायती राज व्यवस्था के पीछे की अवधारणा है। उन्होंने कहा, बिहार वह भूमि है जहां से बापू ने सत्याग्रह का मंत्र दिया था। उनका मानना था कि जब तक गांव सशक्त नहीं होंगे, भारत का विकास नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, पंचायती राज के पीछे यही सोच है। पंचायतों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं और प्रौद्योगिकी का भी इस्तेमाल किया गया है... दो लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को इंटरनेट से जोड़ा गया है तथा गांवों में 5.5 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 30,000 से अधिक नए पंचायत भवन भी बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पंचायतों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बनने के लिए बिहार की सराहना की। मोदी ने कहा, यह वास्तविक सामाजिक न्याय, लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि गांवों में भू अभिलेखों के डिजिटलीकरण से भूमि स्वामित्व को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (एनपीआरडी) 73वें संविधान (संशोधन) अधिनियम, 1992 के 32 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जिसने ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की संस्था के रूप में पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।