नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पहलगाम हमले में संलिप्त हर आतंकवादी को ढूंढऩे का संकल्प जताया और कहा कि उन सभी को इस जघन्य कृत्य के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार किसी भी आतंकवादी को नहीं बख्शेगी।  अतिम शाह ने यहां असम के बोडो समुदाय के प्रमुख नेता बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर प्रतिमा का अनावरण और एक सडक़ के नामकरण के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही। गृह मंत्री ने कहा कि पहलगाम में जिस किसी ने भी यह कायरतापूर्ण हमला किया है, हम किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। हम हर दोषी को ढूंढ निकालेंगे। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवादियों के खिलाफ कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चल रही है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग सोचते हैं कि इस तरह का कायराना हमला करके वे बच जाएंगे, तो वो गलत हैं। यह नरेन्द्र मोदी की सरकार है। हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि यह खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि यह मत सोचो कि 26 लोगों को मारकर तुम जीत गए हो। तुम में से हर किसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। बता दें कि बोडो समुदाय के महान नेता बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुवार को दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कैलाश कॉलोनी में एक प्रमुख सडक़ का नाम बोडोफा उपेंद्र नाथ ब्रह्मा मार्ग रखा गया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो सहित  दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह, नई दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज समेत कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर शाह ने कहा कि बोडोफा न केवल असम और बोडोलैंड के लिए, बल्कि पूरे देश की जनजातियों के सम्मान और संघर्ष के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बोडोफा की प्रतिमा देश भर की उन छोटी जनजातियों को सम्मान है, जो वर्षों से अपनी पहचान, भाषा और संस्कृति के लिए संघर्ष करती आई हैं। 
 आज शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है असम 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व सरमा ने कहा कि उपेंद्र नाथ ब्रह्मा ने असम और बोडो समुदाय की संस्कृति, आत्म-सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पहले आंदोलन हिंसा की ओर बढ़ रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह के नेतृत्व में 2020 में बोडो शांति समझौता हुआ और आज असम शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं, इस दौरान उपस्थित दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को देश की आत्मा बताया और कहा कि यहां सभी राज्यों के लोग सम्मानपूर्वक रहते हैं। उन्होंने कहा कि बोडोफा की प्रतिमा और उनके नाम पर सडक़ दिल्लीवासियों के लिए भी गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, जो सम्मान की बात है।