नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका समूह देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी कदम का समर्थन करने के लिए तैयार है। अंबानी का यह बयान रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शब्द का ट्रेडमार्क लेने के लिए दायर आवेदन वापस लेने के कुछ घंटों बाद आया है।
रिलायंस ने कहा कि यह आवेदन अनजाने में एक कनिष्ठ कर्मचारी ने बिना अनुमति के दायर कर दिया था। भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान को ऑपरेशन सिंदूर का नाम दिया है।अंबानी ने कहा, रिलायंस परिवार हमारे देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी कदम का समर्थन करने को तैयार है। हम अपने साथी भारतीयों की तरह मानते हैं कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अपने गौरव, सुरक्षा या संप्रभुता की कीमत पर नहीं।
उन्होंने कहा कि भारत सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट, दृढ़ संकल्प और उद्देश्य में अडिग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक और निर्णायक नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमापार से होने वाले हर उकसावे का सटीक और ताकत के साथ जवाब दिया है।उन्होंने कहा, पिछले कुछ दिनों ने दिखा दिया है कि हमारी शांति के लिए हर खतरे का डटकर और निर्णायक कार्रवाई से सामना किया जाएगा। हम एक साथ खड़े रहेंगे। हम लड़ेंगे और हम जीतेंगे। इससे पहले दिन में, रिलायंस ने एक बयान में कहा कि उसका ऑपरेशन सिंदूर को ट्रेडमार्क करने का कोई इरादा नहीं है। यह एक ऐसा वाक्यांश है जो अब भारतीय बहादुरी के एक प्रेरक प्रतीक के रूप में राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा बन गया है।
