नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार को सैन्य कार्वाई रोकने पर सहमति बनने के कुछ ही घंटों बाद नई दिल्ली ने इस्लामाबाद पर इसका उल्लंघन करने का आरोप लगाया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने मध्य रात्रि में एक प्रेस वार्ता के दौरान पाकिस्तान से इन उल्लंघनों को दूर करने के लिए उचित कदम उठाने और स्थिति से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निपटने का आह्वान किया। यह बयान विदेश सचिव द्वारा यह घोषणा किए जाने के लगभग पांच घंटे बाद आया कि भारत और पाकिस्तान भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्वाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं।
शाम छह बजे मिसरी ने मीडिया को एक संक्षिप्त घोषणा में बताया कि दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) ने आज एक बातचीत के दौरान इस समझौते पर सहमति व्यक्त की। भारत और पाकिस्तान द्वारा सैन्य कार्वाई रोके जाने संबंधी निर्णय को सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक किया था तथा दावा किया था कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता अमेरिका की मध्यस्थता से हुई। हालांकि, शीर्ष सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह परिणाम भारतीय और पाकिस्तानी पक्षों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत का नतीजा है और इस्लामाबाद ने बिना किसी पूर्व शर्त, बिना किसी बाद की शर्त और अन्य मुद्दों से किसी संबंध के बिना इस पर सहमति जताई है।
देर रात प्रेस वार्ता में विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान ने सहमति का उल्लंघन किया है और सशस्त्र बलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीमा उल्लंघन की किसी भी पुनरावृत्ति की घटना से सख्ती से निपटें। उन्होंने कहा, पिछले कुछ घंटों से भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों के बीच आज बनी सहमति का बार-बार उल्लंघन हो रहा है। 
मिसरी ने कहा, यह आज पूर्व में हुई सहमति का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, सशस्त्र बल इन उल्लंघनों का पर्याप्त और उचित जवाब दे रहे हैं तथा हम इन उल्लंघनों को बहुत गंभीरता से लेते हैं। विदेश सचिव ने कहा कि सशस्त्र बल स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने कहा, हम पाकिस्तान से इन उल्लंघन से बचने के लिए उचित कदम उठाने तथा स्थिति से गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निपटने का आह्वान करते हैं। 
विदेश सचिव ने कहा, सशस्त्र बल स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ-साथ नियंत्रण रेखा पर सीमा उल्लंघन की किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर सख्ती से निपटने के निर्देश दिए गए हैं। मिसरी ने शाम के समय प्रेस वार्ता में कहा, पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक ने भारतीय समयानुसार आज अपराह्न 3:35 बजे भारत के सैन्य अभियान महानिदेशक को फोन किया। उन्होंने कहा, उनके बीच इस बात पर सहमति बनी कि दोनों पक्ष आज भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे से जमीन, हवा और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्वाई बंद कर देंगे। विदेश सचिव ने कहा कि सहमति को लागू करने के लिए दोनों पक्षों को निर्देश दिए गए हैं और दोनों पक्षों के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) 12 मई को दोपहर 12 बजे फिर से बातचीत करेंगे। मिसरी के बयान से कुछ मिनट पहले ट्रं ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में इस समझौते की घोषणा की। उन्होंने कहा, अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात तक चली बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण एवं तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने कहा, समझ और बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए दोनों देशों को बधाई। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवादउ 
सैन्य कार्रवाइयां रोकने पर सहमति दोनों देशों की सेनाओं द्वारा एक-दूसरे के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के कुछ घंटों बाद बनी, जो सात मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबसे गंभीर टकराव था। भारत-पाकिस्तान के बीच यह निर्णय जी7 और अमेरिका तथा सऊदी अरब सहित कई देशों द्वारा कूटनीतिक प्रयास किए जाने के बाद आया है, जिसमें दोनों पक्षों से संघर्ष को कम करने का आग्रह किया गया था। इस बीच, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने सहित पाकिस्तान के खिलाफ घोषित भारत के दंडात्मक उपाय यथावत रहेंगे। भारत ने 22 अप्रैल के नृशंस आतंकवादी हमले के एक दिन बाद इन उपायों की घोषणा 23 अप्रैल को की थी। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि किसी अन्य स्थान पर किसी अन्य मुद्दे पर बातचीत करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच, जम्मू शहर और संभाग के अन्य प्रमुख शहरों के निवासी सुबह करीब पांच बजे हवाई हमले के सायरन और विस्फोटों की तेज आवाज के साथ जागे। वहीं, सीमा पार से हो रही भारी गोलाबारी के मद्देनजर सीमावर्ती निवासियों की रात बिना सोए गुजरी।