श्रीनगर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के हाथ में परमाणु आयुधों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इन्हें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में लिया जाना चाहिए। रक्षा मंत्री की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस बयान के कुछ दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले न्यूक्लियर ब्लैकमेल को सहन नहीं करेगा तथा सीमापार आतंकवाद का करारा जवाब दिया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू कश्मीर की अपनी पहली यात्रा पर आए रक्षा मंत्री ने सैनिकों से बातचीत में कहा कि इस अभियान ने आतंकी संगठनों और पाकिस्तान में उनके आकाओं को स्पष्ट तौर पर बता दिया कि वे खुद को कहीं भी सुरक्षित न समझें। सिंह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का संकल्प कितना मजबूत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने पाकिस्तान की परमाणु धमकी पर भी ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने कहा, पूरी दुनिया ने देखा है कि पाकिस्तान ने कितने गैरजिम्मेदाराना तरीके से कई बार भारत को परमाणु धमकी दी है। सिंह ने कहा, मैं पूरी दुनिया के सामने यह प्रश्न उठाना चाहता हूं कि पाकिस्तान, जो कि एक दुष्ट और गैर जिम्मेदार देश है, क्या उसके हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में लिया जाना चाहिए। आईएईए वैश्विक परमाणु आयुध निगरानी संस्था है।
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ इतिहास में की गई सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, पिछले 35-40 वर्ष से भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया को यह स्पष्ट कर दिया है कि हम आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं। सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले को अंजाम देकर भारत के मस्तक को चोट पहुंचाने और देश की सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की छाती पर चोट पहुंचाई गई और उसके जख्मों का एकमात्र इलाज आतंकी संगठनों को पनाह देना बंद करना तथा अपनी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होने देना ही है। इक्कीस वर्ष पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पाकिस्तान यात्रा को याद करते हुए सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने घोषणा की थी कि अब उसकी सरजमीं से आतंकवाद को नहीं फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन पाकिस्तान ने भारत को धोखा दिया और अब भी दे रहा है। अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। और अगर आतंकवाद जारी रहा तो यह कीमत बढ़ती जाएगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को स्पष्ट रूप से पुन: रेखांकित किया है, जिसमें कहा गया है कि किसी भी आतंकवादी हमले को युद्ध की कार्वाई माना जाएगा।
