नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुजरात समाचार अखबार के मालिकों में से एक बाहुबली शाह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कार्रवाई को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता पहलगाम हमले के आतंकवादियों को पकड़ने की नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछने वाले पत्रकारों को पकड़ने की है। पार्टी नेता जिग्नेश मेवानी ने यह भी कहा कि बाहुबली शाह के मामले में गुजरात सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट करे और यह भी बताए कि क्या आगे और पत्रकारों को निशाना बनाया जाएगा?
ईडी ने गत 16 मई को गुजरात समाचार के परिसरों पर छापेमारी के बाद शाह को गिरफ्तार किया था। अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने उसी दिन शाह को स्वास्थ्य आधार पर 15 दिन की अंतरिम जमानत दे दी। मेवानी ने यहां संवाददाताओं से कहा, पहलगाम हमले के बाद, पूरा देश देखना चाहता है कि मोदी सरकार कब पहलगाम हमले के आतंकवादियों को गिरफ्तार करेगी? वो आतंकवादी कहां चले गए? वो पाकिस्तान वापस चले गए या वो भारत की जमीन पर हैं? नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के बजाय सरकार ने इस मुद्दे पर सवाल पूछने वाले गुजरात समाचार के मालिक शाह को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि पहलगाम के आतंकियों को पकड़ना इस सरकार की प्राथमिकता नहीं है। सरकार की प्राथमिकता है कि कैसे सत्ता से सवाल पूछने वाले अखबारों को बंद किया जाए। कांग्रेस सेवा दल के प्रमुख लालजी देसाई ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बात करती थी आतंकवादियों को पकड़ने की, लेकिन अब वो पत्रकारों को पकड़ने लगी है। उन्होंने कहा, आतंकवाद खत्म करना था, लेकिन पत्रकारिता को खत्म किया जा रहा है। देसाई ने दावा किया कि गुजरात एक ऐसा राज्य है, जहां पर 365 दिन धारा 144 लगी रहती है, ताकि कोई प्रदर्शन न कर पाए।
