जम्मू। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा सीमा पार से की गई गोलाबारी के पीड़ितों से शनिवार को मुलाकात की। उन्होंने गोलाबारी से हुई क्षति को एक बड़ी त्रासदी बताया और पीड़ितों की व्यथा को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर करने का संकल्प लिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने पुंछ का दौरा किया और प्रभावित लोगों से एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की। इनमें सात मई से 10 मई के बीच हुई गोलाबारी में अपने सदस्यों को खोने वाले परिवार भी शामिल थे। राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, यह एक बड़ी त्रासदी है। कई लोगों की जान चली गई। उन्होंने (पाकिस्तानी सेना ने) आम नागरिकों के स्थानों पर हमला किया है। मैंने लोगों से बात की और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की। उन्होंने मुझसे उनके मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने को कहा है, जो मैं करूंगा। उन्होंने बाद में सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, पुंछ में पाकिस्तान की गोलाबारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से आज मिला। टूटे मकान, बिखरा सामान, नम आंखें और हर कोने में अपनों को खोने की दर्द भरी दास्तान - ए देशभक्त परिवार हर बार जंग का सबसे बड़ा बोझ साहस और गरिमा के साथ उठाते हैं। उनके हौसले को सलाम है। गांधी ने कहा, पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा हूं - उनकी मांगें और मुद्दे राष्ट्रीय स्तर पर जरूर उठाऊंगा। उनके साथ पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद र्का और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव जी ए मीर भी थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता का पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए नृशंस आतंकवादी हमले के बाद से केंद्र शासित प्रदेश का यह दूसरा दौरा है। उस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। गांधी ने आतंकवादी हमले में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए 25 अप्रैल को श्रीनगर का दौरा किया था। उन्होंने उस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई अन्य लोगों से मुलाकात की थी।