नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विदेश दौरे से लौटते ही सर्वदलीय बैठक बुलाकर सभी राजनीतिक दलों को यह बताना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर उनकी क्या बातचीत हुई है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में भोज के लिए बुलाया जाना भारत के लिए कूटनीतिक झटका है और इस पर प्रधानमंत्री को ट्रंप के समक्ष नाराजगी जतानी चाहिए थी। व्हाइट हाउस की ओर से बुधवार के लिए जारी राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यक्रम में लिखा गया है कि वह कैबिनेट रूम में पाकिस्तानी जनरल आसिम मुनीर के साथ आज दोपहर का भोजन करेंगे। रमेश ने कहा, खबर आई है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बातचीत हुई है। कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि व्यापार पर चर्चा नहीं हुई थी और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है और यह भारत और पाकिस्तान के बीच हल किया जाने वाला मामला है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री यह बात सर्वदलीय बैठक में क्यों नहीं कहते?
उन्होंने कहा, इसीलिए हमने संसद के विशेष सत्र की मांग की ताकि प्रधानमंत्री राष्ट्र को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए थीं। इससे पहले, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर हुई करीब 35 मिनट की बातचीत पर एक बयान में कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के सिलसिले में व्यापार से जुड़े किसी विषय पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की और भविष्य में भी ऐसी कोई मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा। विदेश सचिव के मुताबिक, मोदी ने ट्रंप से फोन पर बात की और उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले पड़ोसी देश के अनुरोध पर रोके थे न कि अमेरिका द्वारा मध्यस्थता या किसी व्यापार समझौते की पेशकश के कारण। मिसरी ने बताया कि मोदी और ट्रंप का जी7 शिखर सम्मेलन के इतर मुलाकात करने का कार्यक्रम था लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के शिखर सम्मेलन से समय से पहले विदा लेने के कारण यह बैठक नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने मोदी से बात करने पर जोर दिया, जिसके बाद फोन पर बातचीत कराई गई। रमेश ने कहा कि जब प्रधानमंत्री स्वदेश लौटें तो उन्हें सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और बताना चाहिए कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी 35 मिनट की बातचीत इसी बारे में थी। उन्होंने उल्लेख किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 14 बार यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने मध्यस्थता करवाई। रमेश का कहना है, ट्रंप के 14 दावों पर अपनी चुप्पी तोड़ने में उन्हें (मोदी को) 37 दिन लग गए। इसलिए उन्हें राष्ट्र को विश्वास में लेना चाहिए। कांग्रेस महासचिव के अनुसार, ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे, आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में दोपहर के भोज पर बुलाया जाना और माइकल कुरिल्ला का बयान प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति के लिए तीन बड़े झटके हैं। उन्होंने कहा, ये अप्रत्याशित झटके हैं। हमें दिखावे पर कम और तथ्य पर अधिक निर्भर रहना चाहिए। राष्ट्र को विश्वास में लेने और सामूहिक इच्छाशक्ति और संकल्प व्यक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विभाजन का काम करते हैं।