नई दिल्ली। प्रत्येक वीजा पर लिए गए फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा निर्णय बताते हुए अमेरिका ने आवेदकों से पिछले पांच वर्षों में उनके द्वारा उपयोग किए गए प्रत्एक सोशल मीडिया मंच के हैंडल या यूजरनेम की जानकारी साझा करने को कहा है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने बृहस्पतिवार को जारी एक संक्षिप्त बयान में यह जानकारी साझा की, जिसमें सोशल मीडिया संबंधी सूचना को साझा नहीं करने के प्रति भी आगाह किया गया, क्योंकि इससे वीजा आवेदन अस्वीकृत हो सकता है और भविष्य में वीजा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किए एक बयान में कहा, वीजा आवेदकों को डीएस-160 वीजा आवेदन पत्र पर पिछले पांच वर्षों से इस्तेमाल किए गए हर सोशल मीडिया मंच के हैंडल या यूजरनेम को सूचीबद्ध करने की आवश्यकता है। आवेदक हस्ताक्षर करने और जमा करने से पहले प्रमाणित करें कि उनके वीजा आवेदन में दी गई जानकारी सत्य और सही है। इसने कहा, सोशल मीडिया संबंधी जानकारी साझा नहीं करने से वीजा आवेदन अस्वीकृत हो सकता है और भविष्य में वीजा के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। अमेरिकी दूतावास ने 23 जून को एफ, एम या जे श्रेणी के गैर-अप्रवासी वीजा के लिए आवेदन करने वालों से अपने सोशल मीडिया खातों की गोपनीयता सेटिंग को पब्लिक करने के लिए कहा था ताकि पुनरीक्षण की सुविधा मिल सके। दूतावास ने कहा था कि इस तरह का पुनरीक्षण कानून के तहत अमेरिका में उनकी पहचान और स्वीकार्यता स्थापित करने के लिए आवश्यक है।