नई दिल्ली पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त एस. वाई. कुरैशी ने वोट चोरी के आरोपों पर निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया को लेकर रविवार को उस पर निशाना साधा और कहा कि आयोग को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के लिए आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने की बजाय उनके आरोपों की जांच का आदेश देना चाहिए था।
 
कुरैशी ने पीटीआई-भाषा के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि आरोप लगाते समय गांधी की ओर से इस्तेमाल किए गए अधिकांश शब्द, जैसे कि एक हाइड्रोजन बम आदि राजनीतिक बयानबाजी थी। कुरैशी ने इस बात पर जोर दिया कि गांधी ने जो शिकायतें रखीं, उनकी विस्तार से जांच की जानी चाहिए।
 
पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुरैशी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तरीके को लेकर आयोग की आलोचना की और कहा कि यह न केवल ैभानुमति का पिटारा खोलनौ है, बल्कि निर्वाचन आयोग ने ैमधुमक्खी के छत्तेै में हाथ डाल दिया है, जिससे उसे नुकसान होगा।
 
उन्होंने जगरनॉट बुक्स द्वारा प्रकाशित अपनी नई पुस्तक डेमोक्रेसीज हार्टलैंड के विमोचन से पहले पीटीआई-भाषा से कहा, ैआपको पता है कि मैं जब भी निर्वाचन आयोग की कोई आलोचना सुनता हूं तो मैं न केवल भारत के नागरिक के रूप में बहुत चिंतित और आहत महसूस करता हूं, बल्कि ऐसा इसलिए भी महसूस करता हूं क्योंकि मैं स्वयं मुख्य निर्वाचन आयुक्त रह चुका हूं और मैंने भी उस संस्था में थोड़ा योगदान दिया है।