नासिक। प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने शनिवार को समाज में सामाजिक एवं आर्थिक समानता की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि यह सुनिश्चित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर न्यायमूर्ति गवई ने यह भी कहा कि संविधान सभी भारतीयों के लिए भगवद गीता, गुरु ग्रंथ साहिब, कुरान या बाइबल की तरह सबसे महत्वपूर्ण पुस्तक है। उन्होंने कहा, 25 नवंबर 1949 को अपने भाषण में, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने कहा था कि एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य के सिद्धांत से हमने सभी के लिए राजनीतिक समानता सुनिश्चित की है। सामाजिक और आर्थिक समानता के बिना राजनीतिक समानता का कोई मूल्य नहीं है। सामाजिक और आर्थिक समानता का अर्थ है वह तरीका जिसमें स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व एक साथ काम करते है।  प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की एकता ही राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता और समानता दोनों आवश्यक हैं, लेकिन साथ ही हमें बंधुत्व की भी आवश्यकता है जो स्वतंत्रता और समानता को उनकी सीमाओं के भीतर रखे और यह सुनिश्चित करे कि ए बिना किसी समस्या के सह-अस्तित्व में रहें।