चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वाई. पूरण कुमार की कथित आत्महत्या के संबंध में मामला दर्ज होने के एक दिन बाद, उनकी पत्नी ने शुक्रवार को पुलिस को पत्र लिखकर प्राथमिकी में अधूरी जानकारी देने को लेकर सवाल उठाया और सभी नामजद आरोपियों के नाम उपयुक्त रूप से दर्शाने के लिए इसमें संशोधन करने की मांग की। चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर को लिखे पत्र में कुमार की पत्नी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की वरिष्ठ अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने यह भी मांग की कि प्रथमिकी में जोड़ी गई अनुसूचित जातिाअनुसूचित जनजाति (एससीाएसटी) अधिनियम की कमजोर धाराओं में संशोधन किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम, कुमार द्वारा मृत्यु पूर्व लिखे गए एक नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप और एससीाएसटी अधिनियम की कुछ धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी।उक्त नोट में, दिवंगत अधिकारी ने कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम का जिक्र किया था, जिसमें विशेष रूप से हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर और रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया पर उन्हें कथित तौर पर परेशान और बदनाम करने का आरोप लगाया गया था। पूरण कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली।