न्यूयॉर्क । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी का मजाक उड़ाते हुए उनका नाम ही नहीं लिया और कहा कि जो भी उनका नाम है। साथ ही ट्रंप ने यह दावा किया कि चार नवंबर को हुए चुनावों के बाद अब अमेरिकी जनता को वामंपथ और सामान्य बोध (कॉमस सेंस) के बीच में से एक को चुनना होगा।
 
 
फ्लोरिडा के मियामी में बुधवार को अमेरिका बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि जब वह पिछले साल पांच नवंबर को दूसरी बार राष्ट्रपति चुने गए तब अमेरिकी जनता ने अपनी संप्रभुता बहाल की थी लेकिन मंगलवार को मेयर चुनाव के साथ उसका कुछ हिस्सा खो दिया है।यह बयान उस समय आया जब एक दिन पहले भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी को न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मेयर के रूप में चुना गया।
 
 
 
ट्रंप ने चेतावनी दी, आप देखना, न्यूयॉर्क में क्या होता है, भयानक... मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो, लेकिन आप देखोगे। उन्होंने कहा, ...और वह ममदानी या जो भी उनका नाम है, सोचते हैं कि पुरुषों का महिलाओं के खेलों में खेलना बहुत शानदार है। ट्रंप ने पहले भी चेतावनी दी थी कि ममदानी की जीत न्यूयॉर्क सिटी के लिए पूरी तरह आर्थिक और सामाजिक तबाही लेकर आएगी।
 
  उन्होंने कहा, मंगलवार के नतीजों के बाद, अब अमेरिकी जनता के सामने चुनाव बहुत साफ है हमारे पास दो विकल्प हैं : वामंपथ या कॉमन सेंस। क्या यह आपको समझ में आता है?  उन्होंने दोहराया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका किसी भी रूप में साम्यवादी देश नहीं बनेगा। इस बीच, अपने तेजर्तार विजई भाषण में ट्रंप के कट्टर आलोचक रहे ममदानी ने कहा था कि न्यूयॉर्क हमेशा एक ऐसा शहर रहेगा जिसका निर्माण आव्रजक ने किया, जो आव्रजकों से चलता है और अब एक आव्रजक उसका नेतृत्व करेगा। 
 
 
उन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, आखिरकार, अगर कोई डोनाल्ड ट्रंप द्वारा धोखा दिए गए देश को उन्हें हराने का तरीका दिखा सकता है तो वह न्यूयॉर्क ही है जिसने उन्हें शिखर पर पहुंचाया। अगर किसी तानाशाह को डराने का कोई तरीका है, तो वह उन्हीं परिस्थितियों को खत्म करना है जिन्होंने उसे सत्ता हासिल करने में मदद की।
 
 
 
  ट्रंप ने बुधवार को ही मियामी में फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ममदानी के विजई भाषण को बहुत गुस्से से भरा बताया और कहा कि ममदानी ने अपनी शुरुआत ही गलत तरीके से की है और अगर वह वाशिंगटन के प्रति सम्मान नहीं रखेंगे तो उनके सफल होने की कोई संभावना नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, हाँ, मुझे लगा कि यह बहुत गुस्से वाला भाषण था, निश्चित रूप से मेरे खिलाफ गुस्सा झलक रहा था। मेरा मानना है कि उन्हें मेरे प्रति अच्छा व्यवहार करना चाहिए। आप जानते हैं, बहुत सी चीजें जो उनके पास आती हैं, उन्हें मंजूरी देने वाला मैं ही हूं। तो उन्होंने शुरुआत ही गलत दिशा में की है।